
10 साल पुरानी रंजिश, पूर्व प्रधान ने मनरेगा के ठेकेदार पर कर दी ताबड़तोड़ फायरिंग
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लखनऊ के काकोरी थानाक्षेत्र में 10 साल पुरानी रंजिश के चलते मनरेगा के ठेकेदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई. गोली मारने का आरोप पूर्व प्रधान पर लगा है. पुलिस ने फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. उधर पुलिस मामले में मृतक के परिजनों से पूछताछ कर रही है.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दिनदहाड़े गोली मारकर मनरेगा के ठेकेदार की हत्या कर दी गई. मामला काकोरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत चौधरी मोहल्ला का है. बताया जा रहा है कि मनरेगा के ठेकेदार रामजीवन लोधी और पूर्व प्रधान शमशेर सिंह के बीच जमीन के विवाद को लेकर पिछले 10 सालों से रंजिश चल रही थी. इसी के चलते शमशेर सिंह ने रामजीवन के ऊपर ताबड़तोड़ कई राउंड फायर किए और वहां से फरार हो गया.
जानकारी के मुताबिक, रामजीवन को 3 गोलियां लगी थीं जिसके चलते वह जमीन पर गिर गया. आस-पास मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल रामजीवन को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मामले में एडीसीपी वेस्ट चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. फिलहाल मामला दर्ज करके जांच की जा रही है. साथ ही आरोपी पूर्व प्रधान शमशेर सिंह की भी तलाश जारी है. यूं तो इस हत्या के पीछे जमीन का विवाद बताया जा रहा है. लेकिन पुलिस हत्या के असल कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है. उन्होंने बताया कि मृतक रामजीवन की मौत की सूचना तुरंत परिजनों को दे दी गई थी. उनसे भी हत्या के संबंध में पूछताछ की जा रही है.
प्रिंसिपल की गोली मारकर हत्या वहीं, 1 दिसंबर को आजमगढ़ में प्राइमरी स्कूल के प्रिंसिपल की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. यह वारदात उस समय हुई जब सुबह 9 बजे वह स्कूल जा रहे थे. घटना की सूचना मिलते ही एसपी अनुराग आर्य पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तहकीकात शुरू की. उन्होंने परिजनों से मिलकर अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने का भरोसा दिलाया. ग्रामीणों ने बताया कि प्रिंसिपल को सामने से आकर गोली मारी गई. गोली चलने की आवाज सुनकर मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई और उन्हें तुरंत ही अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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