
10 साल की उम्र में भी वैभव सूर्यवंशी जड़ते थे 90 मीटर के छक्के, हर दिन खेलीं 400 गेंदें... कोच ने बताई कहानी
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वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा ने बताया 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की छक्के मारने की क्षमता के बारे में बताया. राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज ने सोमवार को जयपुर में आईपीएल इतिहास में किसी भारतीय द्वारा सबसे तेज शतक बनाने के लिए 11 छक्के लगाए.
14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने 28 अप्रैल को आईपीएल इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक जड़कर सवाई मानसिंह स्टेडियम में इतिहास रचा. उनके इस शतक से राजस्थान रॉयल्स को आईपीएल प्लेऑफ पहुंचने की नई संजीवनी प्रदान की. वहीं उनके इस शतक से उनके बचपन के कोच मनीष ओझा भी बेहद खुश नजर आए. मनीष झा ने कहा कि वैभव को ट्रेनिंग देने के दौरान उन्हें कभी भी गुस्सा होने की आवश्यकता नहीं पड़ी.
ओझा ने कहा- मुझे उसे सिखाते हुए कभी भी डांटने की जरूरत नहीं पड़ी. अगर मैंने कभी कोई शॉट दिखाया या कोई तकनीक बताई, तो मुझे उसे कभी दोहराना नहीं पड़ा. वह तुरंत उसे समझ लेता था. वह चीजें अच्छी तरह सीखता है. इस दौरान ओझा ने वैभव की शुरुआती ट्रेनिंंग से जुड़ी कई चीजें शेयर कीं.
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सोमवार को वैभव टी20 शतक बनाने वाले सबसे युवा पुरुष क्रिकेटर बन गए. उन्होंने अपना शतक महज 35 गेंदों में पूरा किया. उन्होंने मुकाबले में गेंदबाज़ों के खिलाफ 11 छक्के और सात चौके लगाए थे. इन 11 छक्कों में से तीन 85 मीटर से ज्यादा और दो 90 मीटर से ज्यादा की दूरी से आए. इनमें से कुछ तो सवाई मानसिंह स्टेडियम के स्टैंड की छत पर भी गिरे.
वैभव की 38 गेंदों पर खेली गई 101 रनों की तूफानी पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 210 रनों का टारगेट महज 15.5 ओवर में हासिल कर लिया. उन्होंने एक ऐसी पारी खेली, जिसने क्रिकेट जगत को आश्चर्यचकित कर दिया.
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