
1 रुपये में iPhone! ऐसे भ्रामक विज्ञापनों पर सरकार की नजर, हो सकता है एक्शन
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भारत में जल्द ही फेस्टिव सीजन शुरू होने जा रहा है. इसको लेकर ई-कॉमर्स कंपनियों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. इस दौरान बहुत से भ्रमक विज्ञापन भी हैं, जिसमें '1 रुपये में iPhone' का नाम शामिल है. कई उपभोक्ता ऐसे विज्ञापनों को भ्रामक कहकर सोशल मीडिया पर शिकायतें भी दर्ज करा रहे रहे हैं. ई-कॉमर्स पर आने वाले विज्ञापनों पर अब सरकार की भी नजर है. ऐसे विज्ञापन पर एक्शन लिया जा सकता है.
भारत में जल्द ही फेस्टिव सीजन शुरू होने जा रहा है. इसको लेकर ई-कॉमर्स कंपनियों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. इसमें Flipkart, Amazon जैसे नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी सेल का ऐलान कर दिया है. इन सेल्स में कई आकर्षक ऑफर्स के विज्ञापन भी देखने को मिलते हैं. कहीं एक रुपये में iPhone देने का ऑफर, तो कहीं सस्ती दरों पर दूसरे महंगी वस्तुओं पर ऑफर.
ऐसे विज्ञापनों को देखकर कस्टमर्स बड़ी संख्या में इन ई-कॉमर्स वेबसाइट पर लॉगिन करते हैं. वहीं कई उपभोक्ता ऐसे विज्ञापनों को भ्रामक कहकर सोशल मीडिया पर शिकायतें भी दर्ज कर रहा रहे हैं. ई-कॉमर्स पर आने वाले विज्ञापनों पर अब सरकार की भी नजर हैं.
केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय की सचिव निधि खरे ने आज तक द्वारा इस मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, हमें इस तरह की शिकायतें मिली हैं. ई-कॉमर्स कंपनियां अविश्वसनीय दावे कर रही हैं. जब कस्टमर ऑर्डर करते हैं तब गलत तरीके से डिलीवरी चार्ज ऐड करने के साथ-साथ अचानक छूट खत्म हो जाने की बात कही जाती है. इन शिकायतों पर हमारी नजर है और हम इस पर एक्शन लेंगे.
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कस्टमर अगर ई-कॉमर्स साइट पर इस तरह के भ्रामक विज्ञापन देखते हैं तो वह केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय के शिकायत पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
बहुत सी वेबसाइट हैं जहां महंगे और आकर्षक वस्तुओं को कम कीमत पर लिस्टेड किया जाता है. सामान को अलग-अलग तरीकों से फेस्टिव सीजन को देखते हुए बेचने की कोशिश की जा रही है. कही EMI पर फोकस किया जाता है, जिससे मेन प्राइस शुरुआत में नहीं दिखता है. कंज्यूमर्स EMI की राशि को वन टाइम पेमेंट समझकर फंस जाते हैं. जब वो फाइनल पेमेंट करने जाते हैं, तब उन्हें इस पूरे मामले का एहसास होता है.

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