
'हे मां माताजी...हमारे प्यारे डब्बे!' बैंकरप्ट होने जा रहा Tupperware, बनने लगे मीम्स
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भारी कर्ज का सामना कर रही कंपनी टपरवेयर ने चैप्टर 11 दिवालियेपन के लिए आवेदन किया है. यह भारतीय मांओं के लिए राष्ट्रीय आपातकाल के समान है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह टिफिन बॉक्स ब्रांड अपनी टिकाऊपन के कारण उनका पसंदीदा बन गया था. ऐसे में इसके दिवालिया होते ही सोशल मीडिया पर मीम्स छा गए.
किचेन के स्टोरेज प्रोडक्ट के लिए फेमस अमेरिका की टपरवेयर ब्रांड्स कॉर्प ने बैंकरप्सी के लिए फाइल किया है. ये खबर बिजनेस से रिलेटेड है लेकिन देखा जाए तो यह भारतीय मांओं के लिए राष्ट्रीय आपातकाल के समान है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह ब्रांड अपनी टिकाऊपन के कारण उनका पसंदीदा बन गया था. अपने मजबूत डिज़ाइन के लिए जाना जाने वाले टपरवेयर के डब्बे भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा रहे हैं.
ऐसे में जैसे ही टपरवेयर के दिवालियापन की खबर आई तो सोशल मीडिया पर लोगों ने ढेरों पोस्ट किए. लोगों ने मीम्स की मदद से बताया कि कैसे ये उनके किचन के लिए बड़ी क्षति है. एक यूजर ने किरन खेर का वह मीम पोस्ट किया जिसमें वह कान पर हाथ लगाए जोर से 'नहीं' चिल्ला रही हैं. साथ में लिखा है - भारतीय मांओं का अभी ये हाल है.
इसके अलावा एक यूजर ने टीवी सीरियल 'तारेक मेहता का उल्टा चश्मा' के मीम 'हे मां माताजी...' की तस्वीर पोस्ट की और लिखा- इस समय भारतीय मांओं की स्थिति कुछ ऐसी है. एक ने मजे लेते हुए लिखा- 'इस दुख में मैं भारतीय मांओं के साथ हूं.' एक ने लिखा- 'इसका मतलब ये तो नहीं कि मुझे अपने पुराने टपरवेयर टिफिन लौटाने होंगे? मैं नहीं लौटाने वाला. मेरे प्यारे टिफिन.'
भारी कर्ज का सामना कर रही कंपनी ने चैप्टर 11 दिवालियेपन के लिए आवेदन किया है. सोशल मीडिया पर माहौल अभी भी उदास है और लोग ह्यूमरस तरीके से इसका दुख जता रहे हैं.
बता दें कि 1946 में अर्ल टुपर द्वारा स्थापित टपरवेयर, लंबे समय से अपने खास प्लास्टिक प्रोडक्ट्स के लिए जाना जाता था. हालांकि, अपने लंबे इतिहास और स्थायित्व के बावजूद, यह घटती बिक्री और भयंकर कंपटीशन से जूझता रहा. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, टपरवेयर की कुल संपत्ति $500 मिलियन से $1 बिलियन तक थी, जबकि कुल डेब्ट और ऑब्लीगेशन $1 बिलियन से $10 बिलियन के बीच थे.

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