
हीरा बा के निधन पर PAK पीएम शहबाज शरीफ ने जताया शोक, बोले- मां को खोने से बड़ा कोई दुख नहीं
AajTak
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीरा बा के निधन पर देश-विदेश से लोग दुख व्यक्त कर रहे हैं. पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने भी हीरा बा के निधन पर शोक जताया है. शरीफ ने ट्वीट कर कहा, 'मां को खोने से बड़ा कोई नुकसान नहीं होता. मैं पीएम नरेंद्र मोदीजी की माताजी के निधन पर संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीरा बा के निधन पर देश-विदेश से लोग दुख व्यक्त कर रहे हैं. पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने भी हीरा बा के निधन पर शोक जताया है. शरीफ ने ट्वीट कर कहा, 'मां को खोने से बड़ा कोई दुख नहीं होता. मैं पीएम नरेंद्र मोदीजी की माताजी के निधन पर संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.'
इससे पहले नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने भी पीएम मोदी की मां के निधन पर शोक जताया था. उन्होंने कहा था कि उन्हें हीरा बा के निधन का समाचार सुनकर गहरा दुख पहुंचा है. दुख की इस घड़ी में वे पीएम मोदी और उनके परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं.
पीएम मोदी की मां हीरा बा को मंगलवार को अचानक से सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी. इसके अलावा उन्हें कफ की शिकायत भी थी. इसके बाद उन्हें आनन-फानन में अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल के कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती करा दिया गया था. डॉक्टरों ने उनकी मां का एमआरआई और सीटी स्कैन किया था. गुरुवार को अस्पताल की ओर से बयान जारी कर बताया गया था कि उनकी तबीयत में सुधार है. लेकिन शुक्रवार सुबह 3.30 बजे उनका निधन हो गया.
इससे पहले बुधवार को शाम 4 बजे पीएम नरेंद्र मोदी भी उनसे मिलने अस्पताल गए थे. यहां वह करीब डेढ़ घंटे उनके साथ रहे थे. डॉक्टरों से उनका हाल जाना था. इसके बाद वह दिल्ली रवाना हो गए थे. पीएम से पहले उनके भाई सोमाभाई के अलावा गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल और स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल हीरा बा का हाल चाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे थे.
PM मोदी पहुंचे थे अस्पताल
100 साल की थीं हीरा बा

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









