
हिमाचल के DGP संजय कुंडू को सुप्रीम कोर्ट से राहत, अदालत ने पद से हटाने का फैसला रद्द किया
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डीजीपी पद से कुंडू का तबादला कर राज्य सरकार ने आयुष विभाग का प्रिंसिपल सेक्रेटरी बना दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का एसआईटी से जांच जारी रखने का आदेश बरकरार रखा है.
हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) संजय कुंडू को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए फिर से राज्य का डीजीपी बहाल कर दिया है, लेकिन क्लीन चिट नहीं दी है. तीन महीने बाद रिटायर होने वाले कुंडू के खिलाफ एसआईटी अपनी जांच जारी रखेगी.
बता दें कि डीजीपी पद से कुंडू का तबादला कर राज्य सरकार ने आयुष विभाग का प्रिंसिपल सेक्रेटरी बना दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का एसआईटी से जांच जारी रखने का आदेश बरकरार रखा है.
एसआईटी उन आरोपों की जांच कर रही है जिनमें ये कहा गया था कि उन्होंने एक आला पुलिस अधिकारी के साथी और बिजनेसमैन के बीच एक दीवानी विवाद को हल करने का दबाव बनाने के लिए धमकाया था.
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा राज्य के पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू और एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री का तबादला आदेश वापस लेने से इनकार करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सुनवाई हुई. इस दौरान कुंडू के वकील ने कहा कि गलत तथ्यों के आधार पर उन्हें फंसाया गया है. संजय कुंडू ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि मैं तीन महीने में रिटायर होने वाला हूं, मैं चाहता हूं कि इस मामले में सीबीआई जांच हो, जिससे सच सामने आए.
बता दें कि 26 दिसंबर को हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कुंडू और कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक को उनके पदों से हटाने का आदेश दिया. कोर्ट ने ये आदेश पालमपुर के एक व्यवसायी निशांत शर्मा की शिकायत के बाद दिया था. जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें अपने व्यापारिक साझेदारों से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं और कुंडू पर उन पर दबाव डालने का आरोप लगाया था.

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