
हाईराइज टावर से गिरकर मासूम की मौत, पहले जन्म दिन पर इस वजह से मातम में बदली खुशियां
Zee News
अगर आप भी किसी हाई राइज सोसायटी या टावर में रहते है तो ये खबर आपके लिए ही है. क्योंकि दिल्ली से सटे नोएडा में ऐसा मामला सामने आया जिसे सुनकर लोगों की रूह कांप गई. इस घटना से सभी को सबक लेने की भी जरूरत है.
नई दिल्ली: अगर आप भी किसी हाई राइज सोसायटी या टावर में रहते है तो ये खबर आपके लिए ही है. क्योंकि दिल्ली से सटे नोएडा में ऐसा मामला सामने आया जिसे सुनकर लोगों की रूह कांप गई. इस घटना से सभी को सबक लेने की भी जरूरत है. क्योंकि यहां हुई लापरवाही एक हंसते खेलते परिवार पर भारी पड़ी और एक साल के बच्चे की मौत हो गई. ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित कासा ग्रीन-वन हाउसिंग सोसायटी के फ्लैट नंबर 1206 में सत्येन्द्र कसाना अपने परिवार के साथ रहते हैं. कल उनके बेटे का पहला जन्म दिन था और उसी दिन वो दुनिया छोड़कर चला गया. रिवान कसाना अपने फ्लैट के बाहर 12वीं मंजिल पर खेल रहा था. तभी वो सीढ़ियों में बनी रेलिंग के बीच से सीधे नीचे गिरा. घर में उसका जन्म दिन धूमधाम से मनाने की तैयारी थी अचानक दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब हादसा हो गया.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









