
'हमास को जड़ से खत्म करने के लिए राफा में ग्राउंड ऑपरेशन जरूरी...', बेंजामिन नेतन्याहू की जो बाइडेन को दो टूक
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बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमें हमास का पूरी तरह सफाया करना है. उसका कोई और विकल्प नहीं है. हम यह नहीं कह सकते कि हमास 80 प्रतिशत नष्ट हो चुका है, हम 20 प्रतिशत को छोड़ देंगे. क्योंकि वह 20 प्रतिशत हमास को फिर से पुनर्गठित करेंगे और निश्चित रूप से इजरायल के लिए एक नया खतरा पैदा करेंगे
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दोहराया है कि वैश्विक चिंताओं के बावजूद, उनकी सेना राफा में जमीनी अभियान को आगे बढ़ाएंगी. टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को भी इसके बारे में बताया है. बता दें कि अमेरिका राफा में इजरायल के ग्राउंड ऑपरेशन के खिलाफ है. उसका मानना है कि इससे गाजा में मानवीय संकट और बढ़ेगा, जहां पहले ही लाखों लोग भुखमरी की कगार पर खड़े हैं.
नेतन्याहू ने मंगलवार को विदेश और रक्षा मामलों की समिति को बताया, 'राफा में ग्राउंड ऑपरेश की आवश्यकता के बारे में अमेरिकियों के साथ हमारी असहमति है. हमास को खत्म करने की जरूरत के बारे में नहीं, राफा में प्रवेश करने की जरूरत के बारे में असहमति है. हमें हमास की शेष बटालियनों को नष्ट किए बिना उसको सैन्य रूप से खत्म करने का कोई रास्ता नहीं दिखता. हम ऐसा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं'.
'राफा में ग्राउंड ऑपरेशन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं'
इजरायली पीएम ने कहा कि राफा में ग्राउंड ऑपरेशन के अलावा हमास को खत्म करने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है. नेतन्याहू ने कहा, 'मैंने अपनी बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से यह स्पष्ट कर दिया कि हम राफा में हमास की बची हुई बटालियनों का सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. जमीन पर जाने के अलावा ऐसा करने का कोई और रास्ता हमारे पास नहीं है'. राफा, गाजा के सबसे दक्षिणी छोर पर मिस्र की सीमा से सटा हुआ इलाका है.
टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, जो बाइडेन ने सोमवार को नेतन्याहू के साथ करीब एक महीने बाद हुई एक फोन कॉल के दौरान, राफा में इजरायली जमीनी हमले के लिए किसी भी संभावित समर्थन से इनकार कर दिया. अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान ने कहा दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के बारे में जानकारी देते हुए कहा, 'राफा में इजरायल का ग्राउंड ऑपरेशन एक बड़ी गलती होगी. इससे और अधिक निर्दोष नागरिकों की मौत होगी, पहले से ही गंभीर मानवीय संकट और बदतर होगा. गाजा में अराजकता और बढ़ेगी और इजरायल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ जाएगा'.
'हमास के 80% नष्ट होने से संतुष्ट होकर 20% को नहीं छोड़ेंगे'

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