
ईरान में लारिजानी समेत कई बड़े नेताओं का खात्मा, अब कौन ले रहा युद्ध के फैसले?
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ईरान में लगातार बड़े नेताओं-अधिकारियों की मौत के बाद सत्ता का संतुलन बिगड़ गया है. नए सुप्रीम लीडर से लेकर सैन्य कमांडर्स तक निशाने पर हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि देश की कमान अब किसके हाथ में है. क्या IRGC ने पूरी सत्ता संभाल ली है या पर्दे के पीछे कुछ और खेल चल रहा है?
ईरान में जंग के हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं. पहले सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और कुछ सैन्य कमांडर्स की मौत हुई. इसके बाद एक इजरायली हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी भी मारे गए और बसीज फोर्स के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी की भी एक हमले में जान चली गई. अब सबसे बड़ा सवाल उठता है कि इन बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद अब ईरान को कौन चला रहा है? ईरान की सेनाओं को कौन मैनेज कर रहा है और युद्ध के फैसले कौन कर रहा है?
एक के बाद एक बड़े नेताओं और अधिकारियों की मौत ने ईरान की सत्ता के पूरे ढांचे को हिला दिया है. ऐसा लग रहा है जैसे देश की टॉप लीडरशिप को एक-एक करके खत्म किया जा रहा है. यह सिर्फ कुछ नेताओं की मौत नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित अभियान का हिस्सा माना जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक ईरान के नेशनल डिफेंस काउंसिल के प्रमुख, IRGC के कमांडर और रक्षा मंत्री जैसे अहम पदों पर बैठे लोग भी मारे जा चुके हैं.
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इसी बीच इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने दावा किया कि ईरान के इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खातिब को भी एक हमले में "खत्म" कर दिया गया है. उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यह अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और आगे और बड़े हमले हो सकते हैं.
सबसे बड़ा सवाल - अब ईरान को कौन चला रहा है?
इन लगातार हमलों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ईरान की कमान अब किसके हाथ में है. ईरान ने 9 मार्च को मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना था. हालांकि, तब से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं. खबरें तो यहां तक हैं कि हमले में उनके परिवार के कुछ सदस्य भी मारे गए या घायल हुए.

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