
ईरान-इजरायल की अब ऑयल वॉर, कहां-कहां असर? देखें एक और एक ग्यारह
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ईरान, इजरायल और अमेरिकी के बीच अब तेल और गैस की जंग छिड़ गई है. साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद अब ईरान के निशाने पर खाड़ी देशों की गैस फील्ड आ गई है. जिसका असर अब बाकी जगह भी दिखने लगा है. देखें एक और एक ग्यारह.

ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी की सैन्य हमले में मौत के बाद देश में शोक है. हमले में उनके बेटे, डिप्टी और कई सुरक्षाकर्मी भी मारे गए. राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने उन्हें करीबी साथी बताते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि खून का बदला लेंगे. लारिजानी को सुरक्षा और राजनीति के बीच अहम कड़ी माना जाता था. संसद अध्यक्ष और न्यायपालिका प्रमुख ने भी उन्हें निडर नेता बताया. लगातार हमलों से ईरान के नेतृत्व पर दबाव बढ़ा है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

आज तेहरान में सुप्रीम नेशनल सिक्युरिटी काउंसिल के प्रमुख अली लारीजानी के जनाजे में मानो पूरा ईरान उमड़ आया. युद्ध में अली खामेनेई के बाद लाराजानी का मारा जाना ईरान का सबसे बड़ा नुकसान है. ईरान लगातार नेतृत्वविहीन हो रहा है, और वाकई में घायल है. लेकिन लारीजानी की मौत के बावजूद अमेरिका के खिलाफ युद्ध में डटा हुआ है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि लाराजानी की मौत से ईरान टूटा नहीं है, और अमेरिका को इसकी कीमत चुकानी होगी. इस बीच ईरान के खिलाफ और लेबनान में हिज्बुल्ला के खिलाफ भीषण प्रहार और बर्बादी के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप को नाटो देशों से निराशा हाथ लग रही है. युद्ध में किसी भी भूमिका में नाटो के उतरने से इनकार के बाद ट्रंप कह रहे हैं कि उन्हें नाटो की जरूरत नहीं.











