
'हमारी सरकार बनी तो सारे मुकदमे वापस लेंगे...', आजम खान की रिहाई पर बोले अखिलेश यादव
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फरवरी 2020 में पहली बार आजम खान की गिरफ्तारी हुई थी और वहां से उन्हें सुरक्षा कारणों के चलते सीतापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था. अब 23 महीने बाद उन्हें सीतापुर जेल से रिहा किया गया है.
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान 24 महीने बाद जेल से बाहर आ गए हैं. वह यूपी की सीतापुर जेल से रिहा हुए. उनकी रिहाई पर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी.
अखिलेश यादव ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि न्याय मिलेगा. ये खुशी का मौका है. हमारी सरकार बनी तो सारे मुकदमे वापस लेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने बीजेपी की सरकार बनते ही ना सिर्फ अपने ऊपर लगे सारे मुकदमे वापस लिए बल्कि उपमुख्यमंत्री के भी सारे मुकदमे वापस हो गए. हमारी सरकार बनी तो आजम खान साहब पर और समाजवादियों पर लगे सारे मुकदमे वापस होंगे.
अखिलेश ने कहा कि मैं कोर्ट को धन्यवाद देना चाहता हूं. हमें उम्मीद थी कि कोर्ट न्याय करेगा. रामपुर का विधायक और अधिकारी मिलकर अन्याय किए हैं. बीजेपी का सामने करने पर सबसे बड़ी भूमिका आजम खान साहब की रही है.
बता दें कि आजम खान को डूंगरपुर प्रकरण में 10 साल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उन्हें इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली है. उन्होंने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में दाखिल की थीं. कोर्ट ने जमानतियों का सत्यापन करने का आदेश दिया था, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को पुलिस और राजस्व प्रशासन ने कोर्ट में जमा कर दी थी.
उत्तर प्रदेश के रामपुर से जुड़ा आजम खान का चर्चित क्वालिटी बार प्रकरण लंबे समय से विवादों में है. आरोप है कि 2013 में मंत्री रहते हुए उन्होंने सिविल लाइंस क्षेत्र की क्वालिटी बार की जमीन को अवैध रूप से पत्नी तंज़ीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आज़म के नाम करा ली थी.
2019 में मालिक गगन अरोड़ा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई और परिवार को आरोपी बनाया गया. 2024 में आजम को मुख्य आरोपी घोषित किया गया. मई 2025 में एमपी-एमएलए कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज की, लेकिन सितंबर 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिल गई. तब से वह सीतापुर जेल में बंद थे.

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