
स्मृतिः अंतिम सांस तक पिता की विरासत को सहेजते रहे लक्ष्मीनारायण गर्ग
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हास्यकवि पद्मश्री स्वर्गीय काका हाथरसी के ज्येष्ठ पुत्र लक्ष्मीनारायण गर्ग इस फानी दुनिया से महाप्रयाण कर गये.
राजेन्द्र शर्मा हास्यकवि पद्मश्री स्वर्गीय काका हाथरसी के ज्येष्ठ पुत्र लक्ष्मीनारायण गर्ग इस फानी दुनिया से महाप्रयाण कर गये. आम जनमानस काका हाथरसी को हास्य कवि के रुप में जानता पहचानता है, बहुत कम लोगों को यह जानकारी है कि काका हाथरसी जिनका वास्तविक नाम प्रभुदयाल गर्ग था, ने शास्त्रीय संगीत, जो एक दौर में राजा-महाराजाओं के दरबारों तक सीमित था, को जनमानस तक पहुंचाने के लिए “संगीत” नामक पत्रिका का प्रकाशन 1934 में शुरु किया था जो आज तक निर्बाध रुप से जारी है.More Related News

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