
स्मारक घोटाला: पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबू सिंह कुशवाहा की मुश्किलें बढ़ीं, विजिलेंस ने भेजा नोटिस
Zee News
लखनऊ और नोएडा में बने अंबेडकर स्मारक घोटाले में विजिलेंस ने ये नोटिस दिया है. पत्थर सप्लाई मामले में विजिलेंस ने बयान दर्ज कराने के लिए ये नोटिस भेजा है.
लखनऊ: बसपा सरकार में हुए करीब 1400 करोड़ रुपये के स्मारक घोटाले में सतर्कता अभियान (विजीलेंस) की जांच ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है. जांच में बीएसपी (BSP) के पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबू सिहं कुशवाहा की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं. इन दोनों को 1400 करोड़ के स्मारक घोटाले में विजिलेंस का नोटिस मिला है. इनके अलावा 3 दर्जन से अधिक सरकारी अफसरों को भी नोटिस भेजा गया है. विजिलेंस ने बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जानकारी के मुताबिक इस महीने के तीसरे हफ्ते में दोनों से पूछताछ की जा सकती है. लखनऊ और नोएडा में बने अंबेडकर स्मारक घोटाले में विजिलेंस ने ये नोटिस दिया है. पत्थर सप्लाई मामले में विजिलेंस ने बयान दर्ज कराने के लिए ये नोटिस भेजा है.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









