
सुरंगों में मिसाइलों का भंडार, गुरिल्ला अटैक... गाजा में घुसी इजरायली सेना को 'चक्रव्यूह' से मात दे पाएगा हमास?
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गाजा पर शासन करने वाले हमास ने हथियारों, मिसाइलों, खाना और मेडिकल आपूर्ति का भंडार जमा कर लिया है. हमास को उम्मीद है कि उसके हजारों लड़ाके फिलिस्तीनी इलाके के नीचे बनी सुरंगों में महीनों तक जीवित रह सकते हैं और गुरिल्ला रणनीति से इजरायली बलों को टारगेट कर सकते हैं.
इजरायल-हमास के बीच 7 अक्टूबर से जंग जारी है. इजरायली सेना गाजा पट्टी पर आसमान, पानी और जमीनी स्तर पर अटैक कर रही है. अब हमास ने इजरायल को गाजा पट्टी में फंसाने के लिए खास रणनीति तैयार की है. हमास से जुड़े दो सूत्रों ने बताया कि हमास ने गाजा पट्टी में लंबे समय तक चलने वाले युद्ध की तैयारी की है और उसका मानना है कि वह अपने कट्टर दुश्मन को युद्धविराम के लिए मजबूर कर सकता है. गाजा पर शासन करने वाले हमास ने हथियारों, मिसाइलों, खाना और मेडिकल आपूर्ति का भंडार जमा कर लिया है.
रॉयटर्स के मुताबिक हमास को उम्मीद है कि उसके हजारों लड़ाके फिलिस्तीनी इलाके के नीचे बनी सुरंगों में महीनों तक जीवित रह सकते हैं और गुरिल्ला रणनीति से इजरायली बलों को टारगेट कर सकते हैं. हमास का मानना है कि इजरायल की गाजा पर घेराबंदी खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाना भी जरूरी है, क्योंकि लोगों की मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. साथ ही हमास युद्धविराम और बातचीत के जरिए इजरायल को समाधान के लिए मजबूर कर सकता है, जिससे हमास इजरायली बंधकों के बदले में हजारों फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई जैसी ठोस मांग करेगा.
इजरायल की 17 साल की नाकाबंदी खत्म करना लक्ष्य
हमास के चार अधिकारियों के अनुसार हमास ने अप्रत्यक्ष रूप से कतर की मध्यस्थता वाली बंधक वार्ता में अमेरिका और इज़रायल को यह साफ संकेत दे दिया है कि वह बंधकों के बदले में ऐसे कैदियों की रिहाई चाहता है. हमास ने कहा कि वह गाजा पर इजरायल की 17 साल की नाकाबंदी को खत्म करना चाहता है, साथ ही इजरायली बस्ती के विस्तार को भी रोकना चाहता है. गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने गाजा में मानवीय युद्धविराम का आह्वान करते हुए कहा कि वहां फिलिस्तीनियों पर नरसंहार का गंभीर खतरा है. कई विशेषज्ञ बढ़ते संकट को देख रहे हैं, जिसका किसी भी पक्ष के लिए कोई स्पष्ट अंत नहीं दिख रहा है.
हमास को तबाह करना आसान नहींः जॉर्डन
जॉर्डन के पूर्व विदेशमंत्री और उप प्रधानमंत्री ने कहा कि हमास को तबाह करने का मिशन आसानी से हासिल नहीं किया जा सकता है. इस संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं है. यह युद्ध छोटा नहीं है. 7 अक्टूबर के हमले के बाद से इजरायल ने भारी हवाई गोलाबारी तैनात की है, जिसमें हमास के बंदूकधारियों ने गाजा पट्टी से हमला किया था, जिसमें 1,400 इज़राइली मारे गए थे और 239 बंधकों को ले लिया था.

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