
सीतापुर: बच्चों ने फ्री फायर गेम के लिए उड़ाई नकदी और जेवर, जानें बच्चे कैसे लगाते हैं पैसे, जुए की तरह बढ़ रहा ट्रेंड
Zee News
भारत में ऑनलाइन मल्टी प्लेयर गेम में बच्चे पैसे लगा रहे हैं और उन्हें इसकी बुरी लत लग रही है.
राजकुमार दीक्षित /सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में ऑनलाइन फ्री फायर गेम में फंस कर बच्चों ने अपने ही घर से नकदी और गहने पार कर दिए. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब सिधौली पुलिस ने चोरी की इस घटना की तफ्तीश की. इस मामले में परिजनो ने कार्रवाई न करने का लिखित प्रार्थना पत्र पुलिस को दिया है. जिसके चलते पुलिस ने बच्चों को चेतावनी देकर छोड़ दिया. क्या है मामला? सीतापुर के सिधौली कोतवाली इलाके के गांधीनगर मोहल्ले की रहने वाली एक महिला ने सिधौली कोतवाली में घर की अलमारी में रखी ज्वेलरी व 85 हजार की नकदी चोरी होने का मुकदमा दर्ज कराया था. इस मामले में सिधौली पुलिस ने तफ्तीश शुरू की. कोतवाल आलोकमणि त्रिपाठी को क्लू मिलते ही खुद पड़ताल की तो परत दर परत खुलती चली गई.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









