
सिसोदिया के करीबियों पर शराब व्यापारियों से कमीशन लेने का आरोप, CBI की FIR की 4 बड़ी बातें
AajTak
शराब घोटाले में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की मुसीबत बढ़ती जा रही है. सीबीआई की रेड कई घंटों से जारी है, दावा ये भी कर दिया गया है कि उनके खिलाफ एक मजबूत केस तैयार हुआ है. वहीं सिसोदिया के करीबियों पर शराब व्यापारियों से कमीशन का आरोप भी लग गया है.
शराब घोटाले में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की मुसीबत बढ़ती जा रही है. सीबीआई की रेड कई घंटों से जारी है, दावा ये भी कर दिया गया है कि उनके खिलाफ एक मजबूत केस तैयार हुआ है. ऐसे में सवाल उठता है कि इस जांच में अगला बड़ा कदम क्या रहने वाला है? क्या मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया जाएगा?
मनीष सिसोदिया के खिलाफ अब क्या होगा?
अब जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक सीबीआई ने सिसोदिया के खिलाफ एक मजबूत केस तैयार किया गया है. मजबूत केस से मतलब ये है कि जांच एजेंसी के पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं जिससे सिसोदिया को इस मामले में दोषी करार दिया जा सकता है. वैसे बड़ी बात ये है कि रेड के बाद मनीष सिसोदिया को पूछताछ के लिए समन भेजा जा सकता है. अगर सिसोदिया सीबीआई पूछताछ में सहयोग करते हैं, ऐसी स्थिति में उनकी गिरफ्तारी अभी नहीं होगी. लेकिन अगर वे सहयोग नहीं करते या फिर पूछताछ में शामिल ही नहीं होते, ऐसा होने पर उनके खिलाफ सख्त एक्शन हो सकता है. ये सख्त एक्शन गिरफ्तारी ही है. यहां ये जानना भी जरूरी हो जाता है कि सीबीआई ने छापेमारी के दौरान जो भी दस्तावेज बरामद किए हैं, उन पर सिसोदिया के सिगनेचर भी लिए जाएंगे.
सिसोदिया पर आरोप क्या लगे हैं?
अब ये तो आगे की कार्रवाई पर बात हुई, लेकिन जांच के दौरान सिसोदिया उनके साथियों के खिलाफ सीबीआई को सबूत भी मिले हैं. FIR कॉपी से पता चलता है कि अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अरुण पांडे शराब व्यापारियों से कमीशन लिया करते थे. कमीशन के बदले में ही लाइसेंस दिया जाता था. अब ये चारों ही मनीष सिसोदिया के करीबी बताए गए हैं, इसी वजह से सीबीआई को उनकी भूमिका को लेकर संदेह है.
FIR कॉपी से इस बात का भी खुलासा हुआ है कि Indospirits कंपनी ने दिनेश अरोड़ा की कंपनी को एक करोड़ रुपये दिए थे. वहीं अर्जुन पांडे को लेकर आरोप है कि उन्होंने विजय नायर की तरफ से समीर महेंद्रू से दो से चार करोड़ रुपये लिए थे. बाद में ये पैसा सरकारी अधिकारियों को भेज दिया गया. अब ये लगातार होता पैसों का लेन-देन ही इस मामले को उलझा गया है और कई किरदार संदेह के घेरे में आ गए हैं. सभी मनीष सिसोदिया के करीबी बताए जा रहे हैं, ऐसे में उन पर भी सवाल उठना लाजिमी हो गया है.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कॉलेज पॉलिटिक्स से सियासी सफर का आगाज किया था. मुख्य धारा की राजनीति के डेब्यू चुनाव में हिमंत को हार का सामना करना पड़ा था. दूसरे प्रयास में पहली जीत का स्वाद चखने वाले हिमंत न सिर्फ असम की सत्ता के शीर्ष पर काबिज हुए, बल्कि पूर्वोत्तर पॉलिटिक्स की धुरी बनकर भी उभरे.

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुई हत्या के बाद पैदा हुए तनाव को देखते हुए ईद-उल-फितर से पहले सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी, फ्लैग मार्च और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तेज कर दी है. हाई कोर्ट ने भी पुलिस को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि हालात किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं चाहिए और शांति बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए.











