
साल 2000 के बाद से आतंकियों से लोहा लेते हुए शहादत देने वाले आर्मी के चौथे कर्नल हैं मनप्रीत
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कश्मीर घाटी के अनंतनाग जिले में आतंकियों से हुई मुठभेड़ ने सेना ने अपना एक कर्नल और एक मेजर खो दिया है. साथ ही जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी ने भी शहादत दी है. शहादत पर गर्व के साथ ही सेना और पुलिस के तीन अधिकारियों की जान जाने से लोगो में भारी आक्रोश है. आतंकवादियों को सबक सिखाने के साथ ही पाकिस्तान के खिलाफ भारी विरोध देखने को मिल रहा है.
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों से मुठभेड़ में सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धौंचक और जम्मू-कश्मीर पुलिस में डीएसपी हुमायूं भट ने शहादत दी है. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है. इससे पहले भी घाटी में सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी आतंकियों के निशाने पर रहे. कर्नल मनप्रीत ढाई दशक में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद होने वाले सेना के चौथे कर्नल हैं.
2 मई 2020- हंदवाड़ा (कश्मीर)
हंदवाड़ा के चंजी मोहल्ला के एक घर में आतंकी घुसे थे. इसकी जानकारी मिली तो सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन शुरू किया. इस टीम को सेना की 21-आरआर के कर्नल आशुतोष शर्मा लीड कर रहे थे. आतंकियों ने घर में मौजूद लोगों को बंधक बना रखा था.
इसलिए आतंकियों के खात्मे के साथ ही लोगों को सुरक्षित निकालना बड़ी चुनौती थी. दोपहर करीब 3 बजकर 30 मिनट पर कर्नल शर्मा के नेतृत्व वाली टीम ने बंधक बनाए लोगों को बचाने में सफलता पाई. मगर, जवानों के निकलते समय आतंकियों ने निशाना बनाना शुरू कर दिया.
कुछ देर बाद जवानों का उनकी टीम से संपर्क टूट गया. इसके बाद कर्नल के मोबाइल पर कॉल की गई, जिसे एक आतंकी ने रिसीव किया. बड़ी अनहोनी की आशंका पर विशेष सुरक्षाबलों को ऑपरेशन में शामिल किया गया.
जवानों ने बड़ी सावधानी से ऑपरेशन शुरू किया. मगर, बारिश और अंधेरे के कारण इसको कुछ देर के लिए रोका गया. इसी बीच भागने की कोशिश कर रहे दो आतंकी मारे गए. हालांकि, इस ऑपरेशन में सीओ 21-आरआर कर्नल आशुतोष शर्मा, मेजर अनुज सूद, पुलिस सब इंस्पेक्टर शकील काजी, एक लांस नायक और एक राइफलमैन सहित टीम के पांच सदस्य शहीद हो गए.

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