
साउथ से बॉलीवुड में एंट्री करना था मुश्किल, एक्ट्रेस रेजिना कैसेंड्रा का खुलासा
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तमिल और तेलुगू सिनेमा में एक दशक से ज्यादा के अनुभव के साथ रेजिना ने 2019 में 'एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा' नाम की फिल्म से अपना हिंदी फिल्म डेब्यू किया था. उनका कहना है कि एक्टिंग शुरुआत में सिर्फ एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटी थी, जो धीरे-धीरे फुल-टाइम करियर में बदल गई.
नई फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री लेना कभी आसान नहीं होता. अक्सर कलाकारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. एक्ट्रेस रेजिना कैसेंड्रा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था. उनके लिए साउथ से हिंदी सिनेमा में ट्रांजिशन करना अपनी चुनौतियों के साथ आया. एक नई बातचीत में एक्ट्रेस ने बॉलीवुड में खुद के लिए जगह बनाने, स्टीरियोटाइप्स से निपटने और खराब व्यवहार का सामना करने के बारे में खुलकर बात की.
तमिल और तेलुगू सिनेमा में एक दशक से ज्यादा के अनुभव के साथ रेजिना ने 2019 में 'एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा' नाम की फिल्म से अपना हिंदी फिल्म डेब्यू किया था. उनका कहना है कि एक्टिंग शुरुआत में सिर्फ एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटी थी, जो धीरे-धीरे फुल-टाइम करियर में बदल गई. चेन्नई की रहने वाली रेजिना बताती हैं कि फिल्म सेट्स उनके लिए घर जैसा महसूस होता है, हालांकि हिंदी इंडस्ट्री में यह कम्फर्ट पाने में उन्हें वक्त लगा.
रेजिना कैसेंड्रा को दिखाया गया नीचा?
मुंबई में शुरुआती अनुभवों के बारे में बात करते हुए रेजिना कहती हैं कि उन्हें अक्सर 'साउथ इंडियन एक्ट्रेस' की पहचान तक सीमित कर दिया जाता था. भले ही उनकी हिंदी बहुत अच्छी हो. उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स संग बातचीत में कहा, 'मैं एक साउथ इंडियन एक्ट्रेस थी. ज्यादातर साउथ इंडियंस की तुलना में मेरी हिंदी कहीं बेहतर है. मैं हिंदी पढ़, लिख और बोल सकती हूं, और अब तक की मेरी सारी हिंदी फिल्मों में मेरी अपनी आवाज है. यह मेरी अपनी हिंदी है, और मैंने हमेशा कोशिश की है कि मुझे जो रोल मिला है, उस पर खरा उतरूं.'
हालांकि भाषा की अच्छी पकड़ ने उन्हें पूर्वाग्रहों से नहीं बचा सकी. उन्होंने कई बार खराब और अपमानजनक व्यवहार का सामना किया. रेजिना ने कहा, 'बहुत से लोगों ने मुझे न सिर्फ शब्दों से, बल्कि अपने व्यवहार से भी डिसरिस्पेक्टफुल तरीके से ट्रीट किया. यह एक तरह का डेरोगेटरी आउटलुक था मेरे प्रति. कोई भी आसानी से समझ सकता था कि मुझे नीचा दिखाने की कोशिश की जा रही है. मुझे यह महसूस हुआ. इसलिए उत्तर भारत में मुझे कुछ हिचकिचाहट थी. लेकिन यह हमेशा ऐसा नहीं होता, है ना?'
सालों में रेजिना कैसेंड्रा ने हिंदी प्रोजेक्ट्स में अलग-अलग काम किया है. 'केसरी चैप्टर 2', 'रॉकेट बॉयज', 'फर्जी' और 'जाट', जैसी फिल्मों में उनके काम को सराहा भी गया. वे अपनी पर्सनैलिटी को क्रेडिट देती हैं कि इससे उन्हें एडजस्ट करने में मदद मिली. रेजिना ने कहा, 'मैं बहुत नर्चरिंग इंसान हूं, इसलिए जब मैं लोगों के आसपास होती हूं, तो वे मेरा यह पक्ष देखते हैं. चाहे किसी भी इंडस्ट्री में हूं, मैं किसी तरह उसे घर जैसा महसूस करा देती हूं.'

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