
सस्ते में घर देने का लालच देकर 3.75 करोड़ की ठगी, महाराष्ट्र पुलिस ने 4 लोगों को किया गिरफ्तार
AajTak
मुंबई के आसपास के जिलों में सस्ते में घर देने का लालच देकर खरीदारों से 3.75 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है. पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जून 2021 से मार्च 2022 के बीच आरोपियों ने बैंकों द्वारा नीलाम किए गए घरों को सस्ती दरों पर बेचने की सुविधा देने के बहाने घर खरीदारों को झांसा दिया और लोगों से पैसे लेकर फरार हो गए.
महाराष्ट्र पुलिस ने मुंबई सहित राज्य के अन्य तीन जिलों में 150 से ज्यादा घर खरीदारों से कथित तौर पर 3.75 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने जानकारी दी कि आरोपियों ने संदिग्ध कंपनियां बनाईं, लोगों को सस्ते घरों की बिक्री की सुविधा का लालच दिया और फिर उनके पैसे लेकर गायब हो गए.
मीरा-भायंदर-वसई-विरार (एमबीवीवी) पुलिस की अपराध इकाई III के वरिष्ठ निरीक्षक प्रमोद बदाख ने इस मामले को लेकर कहा कि अलग-अलग नामों से काम करने वाले आरोपियों को ठाणे जिले के कलवा और मुंबई के बाहरी इलाके मीरा रोड से गिरफ्तार किया गया था.
घर खरीदारों को दिया लालच
बता दें कि जून 2021 से मार्च 2022 के बीच आरोपियों ने बैंकों द्वारा नीलाम किए गए घरों को सस्ती दरों पर बेचने की सुविधा देने के बहाने घर खरीदारों को झांसा दिया. पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपियों ने पालघर जिले के विरार में अपनी कंपनी का ऑफिस बनाया और 45 होमबॉयर्स को 80 लाख रुपये का चूना लगाया और गायब हो गए.
इन धाराओं के तहत केस दर्ज
एमबीवीवी के तहत आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और महाराष्ट्र प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स एक्ट (एमपीआईडी एक्ट) से संबंधित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था. उन्होंने कहा कि पीड़ितों की शिकायत के बाद अधिकार क्षेत्र, जिन्हें न तो वादा किया गया फ्लैट मिला और न ही उन्होंने पैसे जमा किए.

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.











