
सऊदी-UAE-कतर से लेकर सीरिया-इराक तक तबाही का मंजर... ईरान की जंग में कहां, कितनी मौतें?
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अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध छठे दिन में और ज्यादा खतरनाक हो गया है. मिसाइल और ड्रोन हमलों से ईरान, इजरायल और कई खाड़ी देशों में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है. संघर्ष अब पूरे क्षेत्र में फैल चुका है, जिससे मध्य पूर्व से लेकर हिंद महासागर तक अस्थिरता और डर का माहौल गहरा गया है.
अमेरिका और ईरान के बीच सीधा युद्ध छठे दिन में पहुंच चुका है. शुरुआत में हुए संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद हालात और ज्यादा बिगड़ गए. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले तेज हो गए हैं.
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के शहरों जैसे तेल अवीव और यरूशलम को निशाना बनाया है. साथ ही उसने कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और कुछ नागरिक ठिकानों पर भी हमले किए हैं. इससे पूरा क्षेत्र तनाव में है.
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यह संघर्ष अब सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहा. खबर है कि श्रीलंका के पास हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के एक युद्धपोत को डुबो दिया. इससे यह साफ हो गया है कि युद्ध का असर दूर-दूर तक फैल रहा है. इस बीच आइए जानते हैं कि युद्ध के दौरान कहां, कितने लोगों की जान चली गई.
ईरान ने सबसे ज्यादा नुकसान होने की बात कही है. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 1230 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें 175 स्कूली छात्राएं और स्कूल स्टाफ भी शामिल हैं, जिनकी मौत युद्ध के पहले दिन दक्षिणी शहर मिनाब के एक प्राथमिक स्कूल पर मिसाइल हमले में हुई. यह जानकारी ईरान की मानवीय संस्था ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने दी है. यह साफ नहीं है कि कुल मृतकों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के सैनिक भी शामिल हैं या नहीं.
इजरायल में अब तक 10 नागरिकों की मौत की पुष्टि की गई है. इनमें से नौ लोगों की मौत 1 मार्च को यरूशलम के पास बीट शेमेश में ईरानी मिसाइल हमले में हुई. यह जानकारी इजरायल की एंबुलेंस सेवा मागेन डेविड एडोम ने दी है. इजरायली रक्षा बलों ने अब तक किसी सैन्य हताहत की पुष्टि नहीं की है.

ईरान ने अयातुल्ला अली खामेनेई को सुपुर्दे खाक करने और शोक समारोह को अचानक अगले आदेश तक टाल दिया है. तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में तैयारियां जारी हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों और इजरायल की कड़ी चेतावनी के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि ईरानी शासन द्वारा चुना गया कोई भी नया नेता, जो इजरायल के खिलाफ नीति अपनाएगा, उसे निशाना बनाया जा सकता है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी लड़ाई गुरुवार को छठे दिन में पहुंच गई है. दोनों पक्षों के लगातार हमलों के कारण इस क्षेत्र में संकट और बढ़ता दिखाई दे रहा है और हालात अभी भी शांत होने के कोई संकेत नहीं दिखा रहे हैं। इस बीच दुबई में फंसी एक्ट्रेस लारा दत्ता ने एक वीडियो शेयर किया है. देखिए.

अमेरिका-ईरान युद्ध के पांचवें दिन हिंद महासागर में श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो हमले से ईरानी युद्धपोत आईरिस को डुबो दिया. इस हमले में 80 लोगों की मौत हो गई। यह युद्धपोत विशाखापट्टनम फ्लीट रिव्यू से लौट रहा था और अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में था. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेट ने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार टॉरपीडो से दुश्मन का जहाज डुबोया गया है. अमेरिका ने ईरान की 20 नौसैनिक जहाज और एक पनडुब्बी को नष्ट कर दिया है.

ईरानी हमलों के बीच यूएई ने 172 बैलिस्टिक मिसाइल और आठ क्रूज मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है. यूएई के मुताबिक कुल लगभग 750 ड्रोन भी इंटरसेप्ट किए गए हैं. रूस और चीन समर्थन तो दे रहे हैं, लेकिन सैनिक या एयर डिफेंस सिस्टम की खुली मदद नहीं कर रहे हैं. ईरान की सैन्य तैयारी और हमलों की संख्या देखकर यह साफ है कि युद्ध की स्थिति गंभीर है और खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है.

ईरान पर संयुक्त सैन्य अभियान के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करीबी साझेदारी अब परीक्षा में है. शुरुआती लक्ष्य शासन परिवर्तन बताया गया था, लेकिन हालिया बयानों से प्राथमिकताएं बदलती दिख रही हैं. अमेरिका में घरेलू दबाव, बढ़ती गैस कीमतें और चुनावी राजनीति इस युद्ध की दिशा तय कर सकती हैं.








