
ज्वाला मंदिर, गणेश मंत्र और त्रिशूल... अजरबैजान का भारतीय परंपरा से क्या रिश्ता है?
AajTak
ईरान ने अजरबैजान पर ड्रोन हमला किया है जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है. अजरबैजान ने ईरान के राजदूत को तलब किया है. अजरबैजान और पाकिस्तान के बीच मजबूत संबंध हैं, जबकि अजरबैजान का भारत के साथ भी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव है.
ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद मिडिल ईस्ट जंग लगातार भड़कती जा रही है. इस आग में अब कई मुल्क जल रहे हैं. इसी में नया नाम अजरबैजान का भी शामिल हुआ है. सामने आया है कि, ईरान ने अजरबैजान पर ड्रोन हमला किया है. अजरबैजान ने स्पष्टीकरण के लिए ईरान के राजदूत को तलब किया है. बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के समय अजरबैजान ने पाकिस्तान को सपोर्ट किया था और समर्थन देते हुए इस्लामाबाद से सहानुभूति जताई थी. ईरान ने पाकिस्तान के ही 'दोस्त' को इस जंग में निशाना बना दिया है.
दरअसल अजरबैजान का नाम भारत में इसलिए अचानक चर्चा में आ गया, क्योंकि यह देश लंबे समय से पाकिस्तान के साथ खड़ा नजर आता रहा है. तुर्की की तरह अजरबैजान भी कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर पाकिस्तान के पक्ष में बयान देता रहा है. भारत द्वारा चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान भी अजरबैजान ने पाकिस्तान के प्रति सहानुभूति जताई थी. इसलिए जब इस देश ने खुद पर ईरान के ड्रोन हमले का आरोप लगाया तो भारत में भी इसकी चर्चा होने लगी.
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान और अजरबैजान के रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं. रक्षा सहयोग, कूटनीतिक समर्थन और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे के पक्ष में बयान देने जैसी गतिविधियां इन संबंधों को और मजबूत बनाती रही हैं. पाकिस्तान कई बार अजरबैजान के मंचों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ अपनी बात रखने के लिए भी करता रहा है.
भारत से जुड़ी है सांस्कृतिक विरासत
दिलचस्प बात यह है कि राजनीतिक स्तर पर पाकिस्तान के करीब दिखने वाला यही अजरबैजान सांस्कृतिक रूप से भारत से भी गहरे संबंध रखता है. इसकी झलक वहां मौजूद एक प्राचीन धार्मिक स्थल में मिलती है. अजरबैजान की राजधानी Baku के पास स्थित एक मंदिरनुमा स्थल इस सांस्कृतिक संबंध का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जाता है.
यह स्थान आतेशगाह फायर टेंपल के नाम से जाना जाता है. ‘आतेश’ शब्द फारसी के ‘आतिश’ से लिया गया है, जिसका अर्थ आग होता है, जबकि ‘गाह’ का अर्थ निवास होता है. इस तरह आतेशगाह का अर्थ हुआ ‘अग्नि का स्थान’ या ‘अग्नि का निवास’. इस कारण इसे कई बार ज्वाला मंदिर भी कहा जाता है.

ईरान ने अयातुल्ला अली खामेनेई को सुपुर्दे खाक करने और शोक समारोह को अचानक अगले आदेश तक टाल दिया है. तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में तैयारियां जारी हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों और इजरायल की कड़ी चेतावनी के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि ईरानी शासन द्वारा चुना गया कोई भी नया नेता, जो इजरायल के खिलाफ नीति अपनाएगा, उसे निशाना बनाया जा सकता है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी लड़ाई गुरुवार को छठे दिन में पहुंच गई है. दोनों पक्षों के लगातार हमलों के कारण इस क्षेत्र में संकट और बढ़ता दिखाई दे रहा है और हालात अभी भी शांत होने के कोई संकेत नहीं दिखा रहे हैं। इस बीच दुबई में फंसी एक्ट्रेस लारा दत्ता ने एक वीडियो शेयर किया है. देखिए.

अमेरिका-ईरान युद्ध के पांचवें दिन हिंद महासागर में श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो हमले से ईरानी युद्धपोत आईरिस को डुबो दिया. इस हमले में 80 लोगों की मौत हो गई। यह युद्धपोत विशाखापट्टनम फ्लीट रिव्यू से लौट रहा था और अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में था. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेट ने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार टॉरपीडो से दुश्मन का जहाज डुबोया गया है. अमेरिका ने ईरान की 20 नौसैनिक जहाज और एक पनडुब्बी को नष्ट कर दिया है.

ईरानी हमलों के बीच यूएई ने 172 बैलिस्टिक मिसाइल और आठ क्रूज मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है. यूएई के मुताबिक कुल लगभग 750 ड्रोन भी इंटरसेप्ट किए गए हैं. रूस और चीन समर्थन तो दे रहे हैं, लेकिन सैनिक या एयर डिफेंस सिस्टम की खुली मदद नहीं कर रहे हैं. ईरान की सैन्य तैयारी और हमलों की संख्या देखकर यह साफ है कि युद्ध की स्थिति गंभीर है और खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है.

ईरान पर संयुक्त सैन्य अभियान के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करीबी साझेदारी अब परीक्षा में है. शुरुआती लक्ष्य शासन परिवर्तन बताया गया था, लेकिन हालिया बयानों से प्राथमिकताएं बदलती दिख रही हैं. अमेरिका में घरेलू दबाव, बढ़ती गैस कीमतें और चुनावी राजनीति इस युद्ध की दिशा तय कर सकती हैं.








