
ईरान पर न्यूयॉर्क के मुस्लिम मेयर ममदानी का बड़ा बयान, अमेरिका को दी ये हिदायत
AajTak
ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका की चल रही जंग के बीच न्यूयॉर्क के मेयर जोहराम ममदानी ने ईरान सरकार की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने अमेरिका को अतीत की गलतियों से सीखने और युद्ध के बजाय शांति और कूटनीति पर जोर देने की सलाह दी.
ईरान में जारी जंग और वहां की सरकार की कार्रवाई को लेकर न्यूयॉर्क के मेयर जोहराम ममदानी ने अपनी राय रखी है. उन्होंने ईरान सरकार की आलोचना करने के साथ-साथ अमेरिका को अतीत की गलतियों से सीखने की सलाह भी दी है.
ममदानी ने ईरानी सरकार के रवैये पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा, 'मैंने पहले भी कहा है कि ईरानी सरकार अपने ही लोगों के व्यवस्थित दमन में लगी हुई है. यहां तक कि इस साल की शुरुआत में सबसे बुनियादी रूपों में असंतोष जाहिर करने की कोशिश कर रहे हजारों ईरानियों की हत्या भी कर दी गई है. ये एक क्रूर सरकार है.'
जहां एक तरफ ममदानी ने ईरानी शासन को क्रूर बताया, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने अमेरिकी विदेश नीति और 'रिजीम चेंज'के लिए किए जाने वाले युद्धों के खतरों पर भी आगाह किया. उन्होंने इराक और अफगानिस्तान जैसे पिछले युद्धों का हवाला देते हुए शांति और कूटनीति पर जोर दिया.
अमेरिका के लिए खास नसीहत
ममदानी ने कहा, 'और मैंने ये भी कहा है कि भले ही मैं एक युवा मेयर हो सकता हूं, लेकिन मैं इतना बड़ा जरूर हूं कि मुझे बहुत साल पहले इसी क्षेत्र में हमारे देश के सत्ता परिवर्तन के इरादे से किए गए युद्ध के विनाशकारी परिणाम याद हैं.'
यह भी पढ़ें: 'अमेरिका को इस्लाम से सीख लेनी चाहिए...', न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी की सलाह

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी लड़ाई गुरुवार को छठे दिन में पहुंच गई है. दोनों पक्षों के लगातार हमलों के कारण इस क्षेत्र में संकट और बढ़ता दिखाई दे रहा है और हालात अभी भी शांत होने के कोई संकेत नहीं दिखा रहे हैं। इस बीच दुबई में फंसी एक्ट्रेस लारा दत्ता ने एक वीडियो शेयर किया है. देखिए.

अमेरिका-ईरान युद्ध के पांचवें दिन हिंद महासागर में श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो हमले से ईरानी युद्धपोत आईरिस को डुबो दिया. इस हमले में 80 लोगों की मौत हो गई। यह युद्धपोत विशाखापट्टनम फ्लीट रिव्यू से लौट रहा था और अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में था. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेट ने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार टॉरपीडो से दुश्मन का जहाज डुबोया गया है. अमेरिका ने ईरान की 20 नौसैनिक जहाज और एक पनडुब्बी को नष्ट कर दिया है.

ईरानी हमलों के बीच यूएई ने 172 बैलिस्टिक मिसाइल और आठ क्रूज मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है. यूएई के मुताबिक कुल लगभग 750 ड्रोन भी इंटरसेप्ट किए गए हैं. रूस और चीन समर्थन तो दे रहे हैं, लेकिन सैनिक या एयर डिफेंस सिस्टम की खुली मदद नहीं कर रहे हैं. ईरान की सैन्य तैयारी और हमलों की संख्या देखकर यह साफ है कि युद्ध की स्थिति गंभीर है और खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है.

ईरान पर संयुक्त सैन्य अभियान के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करीबी साझेदारी अब परीक्षा में है. शुरुआती लक्ष्य शासन परिवर्तन बताया गया था, लेकिन हालिया बयानों से प्राथमिकताएं बदलती दिख रही हैं. अमेरिका में घरेलू दबाव, बढ़ती गैस कीमतें और चुनावी राजनीति इस युद्ध की दिशा तय कर सकती हैं.

सऊदी अरब के अल खज इलाके में ईरान की दो क्रूज मिसाइलों को सऊदी रक्षा मंत्रालय द्वारा नष्ट कर दिया गया है. ये मिसाइल अटैक इस क्षेत्र में जारी संघर्ष में इजरायल व अमेरिका द्वारा ईरान को निशाना बनाए जाने के बीच हुआ है. ईरान ने खाड़ी के कई देशों पर वार जारी रखे हैं जहां मिसाइलों व ड्रोन हमलों की तीव्रता बढ़ी है. अमेरिका और उसके सहयोगी इस क्षेत्र की सुरक्षा के लिए तैनात हैं लेकिन ईरान की रणनीति और प्रॉक्सीज की सक्रियता को रोकना चुनौती बना हुआ है.

ईरान-इजरायल युद्ध की सबसे ताज़ा खबरों में हम आपको बताते हैं कि किस तरह मुजतबा खामनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता बनाया गया है. युद्ध के तीव्र होने के साथ डर्टी बॉम्ब के खतरे ने चिंता बढ़ा दी है. मध्य पूर्व में भारतीय तेल जहाज फंसे हैं और अमेरिकी सेना भी युद्ध में सक्रिय है. दोनों पक्षों के हमले और जवाबी हमलों से क्षेत्र में गंभीर तनाव देखा जा रहा है. इस विस्तृत चर्चा में हम प्रमुख मुद्दों जैसे युद्ध के बढ़ते दायरे, राजनीतिक बदलावों, और तेल मार्ग पर अस्थिरता पर भी प्रकाश डालते हैं.







