
संसद में मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष
The Wire
संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में है. मुख्य चुनाव आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस की तरह ही संसदीय महाभियोग प्रक्रिया से हटाया जा सकता है.
नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में चर्चा शुरू होने से पहले, विपक्षी दल पहली बार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ महाभियोग की मांग करते हुए नोटिस दाखिल करने की तैयारी में हैं.
द वायर को मिली जानकारी के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक वरिष्ठ सांसद, जो इस पूरी प्रक्रिया की योजना बनाने में सक्रिय रूप से शामिल थे, ने द वायर को बताया कि यह एक ‘सामूहिक प्रयास’ था और इसमें ‘दो सप्ताह’ का समय लगा.
उल्लेखनीय है कि यह नोटिस ऐसे समय लाया जा रहा है जब पार्टी की नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के विरोध में 6 मार्च से कोलकाता में धरने पर बैठी हैं.
इससे पहले ममता बनर्जी पिछले महीने राज्य में एसआईआर से प्रभावित परिवारों के साथ नई दिल्ली आईं थीं, तब उन्होंने संकेत दिया था कि टीएमसी ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ लाए गए किसी भी महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए तैयार है.
इस संबंध में सोमवार (9 मार्च) को द वायर को सूत्रों ने बताया कि बिरला के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मुख्य आयुक्त को हटाने की मांग वाला नोटिस प्रस्तुत किए जाने की संभावना है.
मालूम हो कि बजट सत्र के पहले चरण में विपक्ष की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस प्रस्तुत किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वे ‘लोकसभा की कार्यवाही को खुले तौर पर पक्षपातपूर्ण ढंग से संचालित कर रहे हैं.’

लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार को संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की. हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं.

ईरान संघर्ष के बीच कंटेनर जहाजों की कमी के कारण कच्चे माल की कीमतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते भारत में दवाओं के दाम तेज़ी से बढ़ने की आशंका है. उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि जहाजों की कमी के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) की आपूर्ति प्रभावित हुई है. चीन भारतीय दवा निर्माताओं के लिए कच्चे माल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने ‘प्रेस नोट 3’ के जरिए भारत के साथ स्थल सीमा साझा करने वाले देशों, मुख्य रूप से चीन पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है. यह नियम इन देशों से आने वाले स्वत: निवेश पर रोक लगाता था. विपक्षी दलों ने इस निर्णय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते मार्च 2026 की शुरुआत से विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ), जो किसी एयरलाइन की परिचालन लागत का लगभग 40% हिस्सा होता है, की आपूर्ति में रुकावटों के कारण क़ीमतों में काफी वृद्धि हुई है, जिसके चलते एयर इंडिया समूह ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर चरणबद्ध तरीके से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया है.

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच भारत के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडरों को लेकर चिंता बढ़ गई है. कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. हालांकि सरकार ने देश में गैस की कमी से इनकार किया है. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति घबराहट में बढ़ी बुकिंग और वितरण बाधाओं से बनी है.

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में बताया कि जून 2024 से अब तक राज्य में 54 सांप्रदायिक दंगे और सात मॉब लिंचिंग की घटनाएं दर्ज की गई हैं. सबसे अधिक 24 सांप्रदायिक दंगे बालासोर ज़िले में दर्ज किए गए, जबकि 16 मामले खुर्दा ज़िले में सामने आए. हालांकि इन मामलों में 50 प्रतिशत से भी कम मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया गया है.

दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली पर मुस्लिम महिला पर गुब्बारा फेंकने को लेकर हुए विवाद में 26 वर्षीय तरुण की हत्या के बाद रविवार को एमसीडी ने मुख्य आरोपियों के घर के कुछ हिस्से को अतिक्रमण बताते हुए ढहा दिया. वहीं आरोपी परिवार का कहना है कि हत्या उन्होंने नहीं की है. तरुण का परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं आरोपी परिवार की एक सदस्य का कहना है कि पड़ोसियों की लड़ाई को धर्म की लड़ाई बना दिया गया है.





