संसद की सुरक्षा में सेंध मामला: आरोपी नीलम के परिजनों से पूछताछ के लिए जिंद पहुंची दिल्ली पुलिस
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संसद परिसर में हंगामा करने की आरोपी नीलम खुद को एक्टिविस्ट बताती है. उसके फेसबुक प्रोफाइल से पता चलता है कि वो अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रही है. नीलम के जिंद स्थित घर पहुंचकर दिल्ली पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की और उसके कमरे की तलाशी भी ली.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम रविवार देर रात संसद की सुरक्षा में सेंध की आरोपी नीलम आजाद के घर पहुंची. पुलिस टीम आरोपी के परिवार के सदस्यों से पूछताछ करने के लिए हरियाणा के जींद स्थित उसके आवास पर पहुंची. दरअसल, आरोपी नीलम जींद के घासो गांव की रहने वाली है. दिल्ली पुलिस की टीम स्थानीय उचाना SHO बलवान सिंह और महिला पुलिस के साथ नीलम के घर पहुंची. यहां परिवार वालों से पूछताछ की गई और नीलम का कमरा भी खंगाला गया.
इससे पहले नीलम के परिजनों ने पटियाला हाउस कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की. इस अर्जी में पुलिस हिरासत में मौजूद नीलम में मिलने की मांग की गई है. इसके साथ ही एफआईआर की कॉपी भी मांगी गई है. उनकी अर्जी पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर दिया है. 18 दिसंबर को इस मामले में सुनवाई होगी.
बता दें कि संसद परिसर में हंगामा करने की आरोपी नीलम खुद को एक्टिविस्ट बताती है. उसके फेसबुक प्रोफाइल से पता चलता है कि वो अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रही है. कुछ समय पहले तक हिसार के रेड स्क्वायर मार्केट के पीछे स्थित पीजी में रहकर सिविल सर्विस तैयारी कर रही थी. 25 नवंबर को घर जाने की बात कहकर पीजी से चली गई थी. उसके साथ पीजी में रहने वाली लड़कियों का भी कहना था कि उसकी रुचि राजनीति में बहुत ज्यादा रहती है. नीलम के भाई ने बताया कि वो गांववालों के साथ किसान आंदोलन में जाती थी.
दिल्ली पुलिस की एंटी टेरर यूनिट कर रही है जांच
गौरतलब है कि 13 नवंबर को संसदा का शीतकालीन सत्र चल रहा था. इसी दौरान सागर शर्मा और मनोरंजन डी शून्यकाल के दौरान सार्वजनिक गैलरी से लोकसभा में कूद गए. उन्होंने वहां पीला धुआं फैला दिया और नारे भी लगाए. सांसदों ने उन्हें पकड़कर सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया. लगभग उसी समय, दो अन्य लोग अमोल शिंदे और नीलम ने संसद परिसर के बाहर "तानाशाही नहीं चलेगी" चिल्लाते हुए भी पीला धुआं उड़ाया. पुलिस ने संसद की सुरक्षा में संध लगाने वाले सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की एंटी टेरर यूनिट कर रही है.

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