संसदीय समिति ने UPSC को सिविल सेवाओं की भर्ती प्रक्रिया की अवधि कम करने को कहा, गिनाई ये खास वजहें
AajTak
एक संसदीय समिति ने यूपीएससी से उम्मीदवारों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का हवाला देते हुए भर्ती प्रक्रिया की समय सीमा को कम करने को कहा है. समिति ने इंग्लिश माध्यम से पढ़ने वाले छात्रों के अलावा हिंदी मीडियम के छात्रों का भी प्रश्न उठाया है. जानिए- समिति ने क्या बदलाव सुझाए हैं.
दुनिया की कठिनतम परीक्षाओं में शुमार यूपीएससी की तैयारी और फिर उसका करीब 15 महीने लंबा सेलेक्शन प्रोसेस एक अभ्यर्थी के लिए कठिन परीक्षा होती है. ये वो दौर होता है जब किसी छात्र के जीवन का सबसे उच्च संभावनाओं का समय होता है. इस दौरान छात्रों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पूरा ध्यान देना होता है.
ऐसे ही कई बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए एक संसदीय समिति ने सिविल सेवा परीक्षा की चयन प्रक्रिया की पूरी टाइमलाइन की अवधि को घटाने की सिफारिश की है. इसमें उम्मीदवारों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर होने वाले नुकसान और उनके प्रमुख वर्षों की बर्बादी का हवाला दिया गया है. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को परीक्षा की गुणवत्ता से समझौता किए बिना भर्ती चक्र की अवधि कम करने के लिए कदम उठाने को कहा गया है. समिति ने यूपीएससी को सिविल सेवा परीक्षा में उम्मीदवारों के कम मतदान के कारणों की जांच करने के लिए भी कहा है.
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों का चयन करने के लिए UPSC द्वारा सालाना तीन चरणों - प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है.
कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय पर विभाग से संबंधित संसदीय स्थायी समिति ने सिफारिश की है कि किसी भी भर्ती परीक्षा की अवधि छह महीने से अधिक नहीं होनी चाहिए. एक विशेषज्ञ समिति को यह आकलन करना चाहिए कि भर्ती की वर्तमान योजना अंग्रेजी माध्यम से शिक्षित शहरी उम्मीदवार और गैर-अंग्रेजी माध्यम से शिक्षित ग्रामीण उम्मीदवार दोनों को समान अवसर प्रदान करती है या नहीं.
समिति ने यह भी सिफारिश की है कि यूपीएससी पिछले पांच वर्षों के दौरान उम्मीदवारों से एकत्र किए गए परीक्षा शुल्क और उसी अवधि के लिए परीक्षाओं के आयोजन पर आयोग द्वारा किए गए खर्च का विवरण प्रस्तुत करे. यूपीएससी से उम्मीदवारों के लो टर्नआउट के कारणों पर अपनी फाइंडिंग साझा करने के लिए भी कहा गया है. एक्सपर्ट ग्रुप या कमेटी को बताना चाहिए कि पिछले दस वर्षों में सिविल सेवा परीक्षा के प्लान, पैटर्न और सिलेबस में किए गए परिवर्तनों का भर्ती और प्रशासन की गुणवत्ता पर बड़े पैमाने पर कैसा प्रभाव पड़ा. ग्रुप यह भी आकलन कर सकता है कि प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा का मौजूदा पैटर्न सभी उम्मीदवारों के लिए उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बावजूद समान अवसर प्रदान करता है या नहीं.
पैनल ने यह भी सिफारिश की है कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के प्रारंभिक चरण के ठीक बाद उत्तर कुंजी प्रकाशित करे और उम्मीदवारों को आपत्तियां उठाने की अनुमति दे. समिति का सुझाव है कि यूपीएससी उम्मीदवारों से प्रतिक्रिया एकत्र करता है और अधिक पारदर्शिता, निष्पक्षता और उम्मीदवार मित्रता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा प्रणाली में सुधार करता है.

चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 19 जनवरी 2026 को चांदी तीन लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई. 2004 में चांदी की कीमत मात्र दस हजार रुपये प्रति किलो थी, जो अब तीन सौ गुना बढ़ चुकी है. अगर ये रफ्तार जारी रही तो 2030 तक चांदी बारह लाख रुपये प्रति किलो, 2040 तक एक करोड़ और 2050 तक तीन से पाँच करोड़ रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है.

Aaj 20 January 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 जनवरी 2026, दिन- मंगलवार, माघ मास, शुक्ल पक्ष, द्वितीया तिथि , श्रवण नक्षत्र दोपहर 13.06 बजे तक फिर धनिष्ठा नक्षत्र, चंद्रमा- मकर में, सूर्य- मकर में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.11 बजे से दोपहर 12.53 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 15.11 बजे से दोपहर 16.31 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.

प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर आश्चर्यजनक और अविश्वसनीय दृश्य दिखे. इस बार 4 करोड़ 52 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में अमृत स्नान किया, जो कई देशों की आबादी से भी अधिक है. अमृत स्नान को राजसी स्नान के नाम से जाना जाता है, जहां 13 अखाड़ों के नागा साधु हाथी, घोड़े और रथ पर सवार होकर भव्यता के साथ संगम में स्नान करते हैं.

शादी के पलों को खास बनाने के लिए लोग अक्सर भव्य सजावट, डांस परफॉर्मेंस और ग्रैंड एंट्रीज का सहारा लेते हैं. लेकिन कभी-कभी किसी रिश्ते की सबसे खूबसूरत झलक सादगी में छिपी होती है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक शादी का वीडियो यही साबित कर रहा है, जहां दुल्हन ने अपनी ही शादी में ऐसी चीज की, जिसने हर किसी का दिल छू लिया.









