
संभल मस्जिद विवाद: सुप्रीम कोर्ट दो हफ्ते बाद करेगा सुनवाई, रजिस्ट्री बताएगी कौन सी एसएलपी असली
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सुप्रीम कोर्ट ने संभल मस्जिद विवाद में रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह जांच करे कि मस्जिद कमेटी की कौन सी एसएलपी वैध है. तब तक अंतरिम आदेश जारी रहेगा. मामला दो हफ्ते बाद लिस्ट होगा. अदालत पहले वास्तविक याचिकाकर्ता स्पष्ट करेगी, फिर आगे की सुनवाई होगी.
संभल मस्जिद विवाद में मस्जिद की इंतजामिया कमेटी की तरफ से कौन सी एसएलपी वैध रूप से दाखिल की गई है, इसका पता लगा कर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री रिपोर्ट दाखिल करेगी. तब तक सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश जारी रहेगा. अब ये मामला सुनवाई के लिए दो हफ्ता बाद लिस्ट किया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस पामिदिघंटम् श्रीनरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने उस याचिका पर सुनवाई की, जो मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की थी. हाई कोर्ट ने चंदौसी अदालत के विवादित स्थल के सर्वेक्षण के आदेश को बरकरार रखा था.
मस्जिद कमेटी की तरफ से सीनियर एडवोकेट हुज़ैफ़ा अहमदी ने दलील दी कि पहली एसएलपी (SLP) में जस्टिस खन्ना ने आदेश दिया था, वह अलग है. फिर मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष द्वारा अधिकृत पत्र के जरिए दाखिल एसएलपी भी है.
रिपोर्ट के बाद लिस्ट होगा केस
सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि यह जांच करे कि एक ही मुद्दे पर दाखिल की गई दो एसएलपी में से कौन से एसएलपी वैध रूप से दाखिल की गई हैं. रिपोर्ट अदालत में सौंपी जाएगी, इसके बाद मामला दो हफ़्ते बाद लिस्ट होगा.
मंदिर के दावेदारों के वकील विष्णु शंकर जैन ने दलील दी कि इस विवाद के बाद अब अंतरिम आदेश जारी नहीं रहना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि हम इस पर विचार करेंगे, यह केवल एक अंतरिम आदेश है. जैन ने कहा कि सीधे दो सर्वे आदेशों के खिलाफ एसएलपी दायर की गई थी. नवंबर के अंतरिम आदेश में कहा गया था कि वे हाई कोर्ट जा सकते हैं, अब उनकी पुनरीक्षण याचिका का भी निपटारा हो चुका है.

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