
श्रीलंका में भीषण दुर्घटना, बस खाई में गिरी, 21 की मौत और दर्जनों घायल
AajTak
श्रीलंका के नुवारा एलिया के पहाड़ी क्षेत्र गोथमलाई केरंदियेला में रविवार सुबह 11 बजे एक बस खाई में गिरने से 21 यात्रियों की मौत हो गई और 35 से अधिक गंभीर रूप से घायल हो गए.घायल यात्रियों को नुवारा एलिया जिला अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
श्रीलंका के मध्य में स्थित नुवारा एलिया में भीषण सड़क हादसा हुआ है. यह हादसा उस समय हुआ जब बस गोथमलाई केरंदियेला के एक पहाड़ी क्षेत्र से गुजर रही थी और अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी. यह दुर्घटना रविवार सुबह करीब 11 बजे हुई. हादसे में अब तक 21 यात्रियों की जान चली गई और 35 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं. श्रीलंका पुलिस ने यह जानकारी दी है.
रविवार सुबह भीषण हादसा
श्रीलंका के प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गोथमलाई केरंदियेला में एक सरकारी बस एक पतले रास्ते से जा रही थी. तभी बस ड्राइवर के नियंत्रण से बाहर हो गया और फिसलकर खाई में जा गिरी. जिसके बाद राहत कार्य चलाया गया.
30 से ज्यादा घायलों को नुवारेलिया जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं, कुछ घायलों को कंबालाई और नवलपट्टी के अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया. घायलों में दो बच्चे भी शामिल हैं.
यह भी पढ़ें: 'उन पर किसी को शक नहीं होगा...', विमान में 5 लश्कर आतंकी होने का दावा, भारत से श्रीलंका पहुंची फ्लाइट की कोलंबो में चेकिंग
यह दुर्घटना उस क्षेत्र में हुआ जहां भूगोल कठिन और वाहन संचालन करने में चुनौतियां आती हैं. प्रशासन ने कहा है कि वह इस दुर्घटना के वजहों का पता लगा रहे हैं. ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके.

कराची के गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार रात लगी भीषण आग पर रविवार रात 10 बजे के बाद काबू पा लिया गया है. सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस दुखद घटना में एक दमकलकर्मी सहित 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के बीच 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

दुनिया में युद्ध का शोर बढ़ रहा है और शांति कमजोर पड़ रही है. अमेरिका ईरान को लेकर सख्त है जबकि ग्रीनलैंड को लेकर अपनी ताकत दिखा रहा है. रूस और यूक्रेन की जंग सालों से जारी है और यूरोप में न्यूक्लियर खतरे की बातें हो रही हैं. एशिया में इस्लामिक नाटो का गठन हो रहा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है. ग्रीनलैंड की भू-राजनीति अब वैश्विक शक्ति संघर्ष का केंद्र बन चुकी है जहां अमेरिका, चीन और रूस अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सहित पूरे विश्व पर इन घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ रहा है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे हैं. अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ गया है. मिनियापोलिस में अमेरिकी एजेंट की गोलीबारी के बाद प्रदर्शन जोर पकड़ रहे हैं. सीरिया में अमेरिकी सेना की कार्रवाई में एक प्रमुख आतंकवादी मारा गया. ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को देश में फैली अशांति का जिम्मेदार बताया. ट्रंप का गाजा पीस प्लान दूसरे चरण में पहुंचा है। जेपी मॉर्गन के सीईओ ने कहा कि उन्हें फेडरल रिजर्व चेयर बनने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला. वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के खिलाफ क्यूबा में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ.

पूर्वी चीन के जिआंगसू प्रांत के लियानयुंगांग में शुवेई न्यूक्लियर पावर प्लांट के निर्माण की शुरुआत हो गई है, जो चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत पहली परमाणु परियोजना है. यह दुनिया की पहली परियोजना है जिसमें हुआलोंग वन और हाई टेम्परेचर गैस कूल्ड रिएक्टर को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे बिजली के साथ हाई-क्वालिटी स्टीम भी तैयार होगी.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के दबाव के खिलाफ डेनमार्क के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें कोपेनहेगन में अमेरिकी दूतावास तक मार्च भी शामिल रहा. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर दबाव बढ़ाते हुए डेनमार्क समेत आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है.








