
शिवसेना का सिंबल विवाद: शिंदे बनाम ठाकरे के मुद्दे पर 17 जनवरी को सुनवाई करेगा चुनाव आयोग
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शिवसेना के सिंबल विवाद को चुनाव आयोग अब 17 जनवरी को सुनवाई करेगा. शिंदे गुट ने शिवसेना पर अपना दावा ठोंका है तो उद्धव ठाकरे का कहना है कि उनकी ही पार्टी असली शिवसेना है. इस मामले में आज चुनाव आयोग में सुनवाई हुई और कह गया कि संविधान को बदलने का तरीका गलत था. इस मामले पर अगली सुनवाई अब 17 जनवरी को होगी.
शिवसेना के सिंबल को लेकर एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच आपसी टकरार जारी है. शिंदे गुट ने शिवसेना पर अपना दावा ठोंक दिया है और उद्धव ठाकरे का कहना है कि उनकी ही पार्टी असली शिवसेना है. इस मामले में आज चुनाव आयोग में सुनवाई हुई और कह गया कि संविधान को बदलने का तरीका गलत था. इस मामले पर अगली सुनवाई अब 17 जनवरी को होगी.
शिंदे गुट की ओर से कह गया कि हमारे (एकनाथ शिंदे) के पास बहुमत है. चाहे वह विधायक हों, सांसद हों या संगठन के लोग हों. एकनाथ शिंदे ही असली शिवसेना हैं. साथ ही यह भी कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट अयोग्यता के मामले पर सुनवाई कर रहा है, जो सिंवल वॉर से अलग है.
क्या है ये पूरा विवाद?
बता दें कि एकनाथ शिंदे ने ठाकरे गुट से अलग होने के बाद बागी विधायकों की मदद से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिलकर सरकार बना ली थी. इस सरकार में एकनाथ शिंदे को सीएम और देवेंद्र फडणवीस को डिप्टी सीएम बनाया गया था. महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद भी राजनीतिक गतिरोध खत्म नहीं हुआ था. शिंदे गुट खुद को असली शिवसेना बताता है और पार्टी सिंबल धनुष-तीर पर अपना दावा कर रहा है. यह विवाद इसी को लेकर है.
उपचुनाव से पहले भी उठा थे ये विवाद
गौरतलब है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए चुनाव आयोग पहले भी संज्ञान ले चुका है. अंधेरी ईस्ट सीट के उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने 8 अक्टूबर को बड़ा फैसला लिया था. आयोग ने कहा था कि दोनों गुटों में से किसी को भी शिवसेना (Shiv Sena) के लिए आरक्षित 'धनुष और तीर' के चुनाव चिन्ह का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

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