
वो 150 मिनट जब मादुरो को उठाया गया, अमेरिका ने कैसे रचा था ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व, मैप्स से समझें
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बहुत ही सटीक तरीके से अंजाम दिया गया ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व पूरी तरह सफल रहा. इंडिया टुडे की OSINT टीम ने सैटेलाइट तस्वीरों और विजुअल वेरिफिकेशन की मदद से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम दोबारा जोड़ा है.
करीब 150 मिनट, 150 विमान, और हवा, समुद्र व जमीन से की गई एक साथ कार्रवाई... अमेरिका की सबसे खास काउंटर-टेरर यूनिट डेल्टा फोर्स के लिए इतना ही काफी था . इसलिए ताकि वे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़ सकें.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई को 'द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे जबरदस्त हमला' बताया. इस ऑपरेशन की रफ्तार और सटीकता ने पूरी दुनिया को चौंका दिया. सवाल ये है कि आखिर ये मिशन मादुरो की नाटकीय गिरफ्तारी तक कैसे पहुंचा?
इंडिया टुडे की OSINT टीम ने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की जियोलोकेशन, सैटेलाइट इमेजरी और मीडिया रिपोर्ट्स के जरिये इस पूरे ऑपरेशन की टाइमलाइन तैयार की.
कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व?
ऑपरेशन की शुरुआत आधी रात के बाद कराकस में धमाकों की खबरों से हुई. ये कार्रवाई सुबह होने तक चलती रही. शहर की बिजली काट दी गई ताकि वेनेजुएला की एयर डिफेंस सिस्टम को बेकार किया जा सके और पूरा शहर अंधेरे में डूब जाए. इसका मकसद था कि अमेरिकी विमान, ड्रोन और हेलीकॉप्टर बिना किसी पकड़ में आए शहर के अंदर दाखिल हो सकें.
किन-किन जगहों पर हमला हुआ?

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