
विधानसभा से पहले केरल का नाम ‘केरलम’ करने को मिली केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंज़ूरी
The Wire
केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंज़ूरी के बाद भारत के राष्ट्रपति केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के प्रावधानों के तहत राज्य विधानसभा की राय लेने के लिए केरल विधानसभा को भेजेंगे. यह क़दम अप्रैल-मई में संभावित विधानसभा चुनावों से पहले उठाया गया है.
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार (24 फरवरी) को केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा की.
इससे पहले 24 जून 2024 को केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से राज्य का नाम ‘केरलम’ करने का आग्रह किया था.
यह कदम अप्रैल-मई में संभावित विधानसभा चुनावों से पहले उठाया गया है.
केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद भारत के राष्ट्रपति केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के प्रावधानों के तहत राज्य विधानसभा की राय लेने के लिए केरल विधानसभा को भेजेंगे.
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, आधिकारिक बयान में कहा गया है कि विधानसभा की राय प्राप्त होने के बाद केंद्र सरकार राष्ट्रपति की सिफारिश लेकर संसद में केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 पेश करेगी, ताकि राज्य का नाम औपचारिक रूप से ‘केरलम’ किया जा सके.
राज्य का नाम ‘केरल’ से ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय में विचार किया गया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मंजूरी के बाद कैबिनेट नोट का मसौदा कानून एवं न्याय मंत्रालय के विधिक कार्य विभाग और विधायी विभाग को टिप्पणियों के लिए भेजा गया.

आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार जूनियर डॉक्टर की मां ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पनिहाटी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने पर सहमति दे दी है. प्रदेश भाजपा की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि भाजपा ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है, जिसमें इस सीट पर कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है.

केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि देशभर में 2017 से अब तक सीवर और सेप्टिक टैंक की ख़तरनाक सफाई के दौरान 622 सफाईकर्मियों की मौत हो चुकी है. 539 परिवारों को पूरा मुआवज़ा दिया गया, जबकि 25 परिवारों को आंशिक मुआवज़ा मिला. मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश 86 के साथ सबसे ऊपर है, इसके बाद महाराष्ट्र (82), तमिलनाडु (77), हरियाणा (76), गुजरात (73) और दिल्ली (62) का स्थान है.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोटद्वार के ‘मोहम्मद’ दीपक की याचिका पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक 'संदिग्ध आरोपी' होने के नाते वह अपनी मनचाही राहत, जैसे सुरक्षा और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ विभागीय जांच की मांग नहीं कर सकते. दीपक ने बीते महीने कोटद्वार में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग के साथ दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा की जा रही बदसलूकी का विरोध किया था.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार भले ही एलपीजी की किल्लत से इनकार कर रही है लेकिन गैस एजेंसियों पर लंबी क़तारें हैं. गैस की किल्लत से जूझते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर आ रहे हैं. वहीं, दिल्ली में कुछ अटल कैंटीन बंद हैं, कई हॉस्टल मेस और गुरुद्वारों में लंगर भी सिलेंडर की कमी प्रभावित हो रहे हैं.




