
विजयादशमी पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने की शस्त्र पूजा, बोले- विभाजन का दर्द अब भी बाकी
Zee News
संघ प्रमुख ने अपने संबोधन के दौरान भारतीय परंपराओं, धर्म और वर्तमान इतिहास की निंदा करने के प्रयास जारी हैं. उन्होंने अनियंत्रित ओटीटी प्लेटफॉर्म और ड्रग्स के सेवन को लेकर भी चिंता जाहिर की.
नई दिल्लीः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 96वें स्थापना दिवस पर शुक्रवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया. विजयादशमी के पावन अवसर पर संघ प्रमुख ने संघ मुख्यालय नागपुर में शस्त्र पूजा की. हिंदी तिथि के मुताबिक साल 1925 में विजयादशमी के दिन ही आरएसएस की स्थापना हुई थी. Partition of the country is a sad history, the truth of this history should be faced, to bring back the lost integrity and unity, the new generation should know that history: RSS chief Mohan Bhagwat in Nagpur, Maharashtra

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









