
वाराणसी और उसके आसपास के इलाकों में कोरोना वायरस के कम से कम सात स्वरूप मिले : रिपोर्ट
Zee News
चिंतित करने वाले स्वरूपों में हमने सबसे प्रमुख से बी.1.617 स्वरूप को पाया. वायरस का यह प्रकार भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर के लिए प्रमुख रूप से जिम्मेदार रहा.
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर और उसके आसपास के इलाके में कोरोना वायरस के बी.1.617 और बी.1.351(बीटा) सहित कम से कम सात स्वरूप से लोग संक्रमित पाए गए. यह खुलासा काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और सेल्युलर ऐंड मोक्युलर बायोलॉजी केंद्र (सीसीएमबी) के अध्ययन में हुआ है. सीसीएमबी, वैज्ञानिक और औद्याोगिक अनुसंधान परिषद (सीएआईआर) का संस्थान है. अध्ययन के इस नतीजों पर पहुंचने के लिए 130 नमूनों का जीनोम अनुक्रमण किया गया. बहुविषयी अनुसंधान इकाई के प्रमुख प्रोफसर रोयना सिंह ने बताया, ‘सीसीएमबी की टीम ने इन नमूनों का अनुक्रमण किया और पाया कि इलाके में वायरस के कम से कम सात स्वरूप प्रमुख रूप से मौजूद हैं.'
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








