
वायनाड में कुदरत के कहर ने छोड़े तबाही के निशान, केरल-उत्तराखंड में आज भी भारी बारिश की चेतावनी, इन 14 जिलों में स्कूल बंद
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Weather Forecast Today: भारी बारिश के अलर्ट के बीच केरल के 11 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित तक दी गई है. वायनाड, मलप्पुरम, कोझिकोड, कासरगोड, इडुक्की, पथिनमथिट्टा, त्रिशूर, कन्नूर, एर्नाकुलम, अलाप्पुझा और पलक्कड़ में 31 जुलाई को भी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे.
केरल में भारी बारिश कहर बनकर बरसी है. वायलाड जिले में मंगलवार को भूस्खलन से मरने वालों का आंकड़ा 123 तक पहुंच गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 250 से अधिक लोगों को बचा लिया गया है. जबकि मलबे में दबे कई लोगों की अभी तलाश जारी है. इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 31 जुलाई, बुधवार के लिए भी कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है. हालात को देखते हुए केरल के 11 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित तक दी गई है. वायनाड, मलप्पुरम, कोझिकोड, कासरगोड, इडुक्की, पथिनमथिट्टा, त्रिशूर, कन्नूर, एर्नाकुलम, अलाप्पुझा और पलक्कड़ में 31 जुलाई को भी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे.
बता दें कि केरल के वायनाड जिले में कुदरत के कहर ने तबाही के निशान छोड़े हैं. राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मंगलवार को वायनाड जिले में भूस्खलन से हुई तबाही पर दुख व्यक्त करते हुए इस कड़े वक्त में लोगों से आजीविका के पुनर्निर्माण के लिए एक साथ आने का आग्रह किया है.सीएम विजयन ने कहा, कई लोग मदद की पेशकश कर रहे हैं, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों और जीवन के पुनर्निर्माण के लिए और अधिक की आवश्यकता है. सीएम ने सभी से मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में योगदान देने का आग्रह किया.
विजयन ने कहा कि वायनाड के मुंडकाई, चूरलमाला और अट्टामाला इलाकों में ग्रामीण, जिनमें बच्चे भी शामिल थे वो सो रहे थे. जिसमें कई लोग बह गए या मलबे में फंस गए, उन्होंने कहा कि बरामद किए गए शवों में जिनकी पहचान हो गई है, उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है. सीएम ने यह भी कहा कि पड़ोसी जिले मलप्पुरम के पोथुकल गांव में चलियार नदी से 16 शव बरामद किए गए हैं. इसके अलावा, खोज और बचाव दल ने बह गए लोगों के शरीर के अंग भी बरामद किए हैं.
उन्होंने कहा कि पहाड़ी जिले में मुंदकाई और चूरलमाला सहित कई जगहें भूस्खलन के कारण बाकी इलाकों से कट गई हैं, जिससे इलाके में सड़कें बह गई हैं. वेल्लारमाला जीवीएच स्कूल पूरी तरह से जमीन के नीचे दब गया है.घरों को भारी नुकसान हुआ है. हालात को काबू करने के लिए अग्निशमन बल, एनडीआरएफ, पुलिस सभी मिलकर काम कर रहे हैं. सेना और नौसेना की विभिन्न इकाइयां भी बचाव अभियान में शामिल हैं.
सीएम विजयन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, अधिकतम लोगों की जान बचाने, घायलों को बेहतर उपचार मुहैया कराने और अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं.जिले में 45 शिविर बनाए गए हैं. राहत शिविरों में शिफ्ट किए गए लोगों तक भोजन, पानी और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने के लिए खास कदम उठाए जा रहे हैं. अस्पतालों में और अधिक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं. साथ ही अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की जा रही है. इसके अलावा, अज्ञात शवों की पहचान के लिए आनुवंशिक परीक्षण किए जाएंगे.
सीएम ने घोषणा की है कि वायनाड भूस्खलन में जानमाल के दुखद नुकसान पर राज्य दो दिनों का आधिकारिक शोक मनाएगा. इस दौरान सार्वजनिक कार्यक्रम और समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे और राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. भूस्खलन के कारण बहुत विनाश हुआ है, कई घर नष्ट हो गए हैं, जलस्रोत उफान पर हैं और पेड़ उखड़ गए हैं, जिससे बचाव कार्य में बाधा आ रही है. सोमवार तक अपनी खूबसूरती के लिए मशहूरमुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा अब उदासी की तस्वीर पेश कर रहे हैं.

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