
वसंत वैली स्कूल ने CBSE अंडर 19 गर्ल्स फुटबॉल मैच में रचा इतिहास
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टूर्नामेंट में दिल्ली एनसीआर के 26 स्कूल पार्टिसिपेट कर रहे हैं और जीतने वाली टीम को नेशनल में जाने का मौका मिलेगा. फाइनल में फर्स्ट और सेकंड हाफ से एक-एक टीम आएगी, जो नेशनल के लिए क्वालीफाई कर सकेंगे. इसलिए वसंत वैली स्कूल के बच्चों ने फाइनल तक इसी टीम स्पिरिट के साथ खेलने का प्लान तैयार किया है.
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) अंडर 19 गर्ल्स फुटबॉल चैंपियनशिप टूर्नामेंट की शुरुआत आज से शुरू हो चुकी है. पहले ही दिन के मैच में दिल्ली के प्रतिष्ठित वसंत वैली स्कूल ने इतिहास रच दिया है. एंबिएंस स्कूल के साथ हुए गर्ल्स फुटबॉल मैच में वसंत वैली स्कूल ने शानदार 9 गोल से एकतरफा जीत हासिल की है. आज से शुरू हुई ये चैंपियनशिप 30 अक्टूबर तक चलेगी. जो लड़कियों की प्रतिभा को निखारने का काम करेगा. आने वाले समय में वे भारतीय टीम का हिस्सा भी बन सकती हैं.
वसंत वैली स्कूल द्वारा आयोजित यह टूर्नामेंट पिछले कई सालों से लड़कियों को उनकी काबिलियत और उन्हें जिंदगी में आगे बढ़ने का मौका देता आ रहा है. लेकिन, इस साल का आयोजन कुछ खास है और इसकी सबसे बड़ी वजह है कि अंडर 19 का पहली बार आयोजन. यह एक ऐसा टूर्नामेंट है जो प्रतिभाओं के लिए एक मंच देता है और फिर यहीं से तैयार होती हैं अदिति रावत, अदिति चौहान और अनुष्का जैसी प्रतिभाएं जो देश का नाम रौशन करने में कोई कसर नहीं छोड़ती.
आज से शुरू हुए इस (सीबीएसई गर्ल्स फुटबॉल चैंपियनशिप) टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की रुचि और उनका प्रदर्शन शानदार रहा है और दिल्ली के अंदर वसंत वैली स्कूल खेल के क्षेत्र में वह इतिहास लिखने जा रहा है जो शायद ही कभी इससे पहले हुआ है. पहले ही मैच में वंसत वैली स्कूल ने एंबिएंस स्कूल को 9-0 से हराकर इतिहास रच दिया है.
वसंत वैली स्कूल की प्रिंसिपल रेखा कृष्णन ने कहा कि लड़कियां वो सब कर सकती हैं जो लड़के कर सकते हैं. लिहाजा फुटबॉल खेल कर वहीं इंप्रूवमेंट होती है. टीम से लेकर इंडिविजुअल तक खेल से ही टीम स्पिरिट की भावना पैदा होती है. जिंदगी का यह हुनर, वे पर्सनल गोल्स को छोड़कर टीम स्पिरिट से सीख रही हैं और यही खेल इस भावना आगे बढ़ाएगा. बेहतर इंसान बनने के लिए टीम स्पिरिट बहुत जरूरी है जो आम जिंदगी में नहीं सीखा जा सकता. सीबीएसई के ऑबजर्बर केशव दत्त ने कहा कि फुटबाल में वसंत वैली एक लिडिंग रोल अदा करता है. वह सुब्रतो कप फाइनल भी खेल चुका है. स्कूल का लश ग्रीन ग्राउंड खूबसूरत है.
टीम की सदस्य मनत सिक्का ने बताया कि मैच खत्म होने पर स्कोर 9-0 रहा. यह मैच उतना टफ नहीं था लेकिन हमारे लिए प्रैक्टिस करने का बहुत अच्छा मौका है. यह नॉकआउट टूर्नामेंट है और धीरे-धीरे इंप्रूवमेंट करना है. नेशनल में जाना है इसलिए यह टूर्नामेंट जीतना बहुत जरूरी है. टीम धीरे-धीरे इंप्रूव कर रही है.
इस मौके पर फुटबॉल कोच गोगोई ने कहा कि सीबीएसई का नॉकआउट फॉर्मेट का टूर्नामेंट पहला मैच एंबिएंस स्कूल के साथ खेला गया ये कंबाइंड मैच है. इस टूर्नामेंट में दिल्ली एनसीआर के 26 स्कूल पार्टिसिपेट कर रहे हैं और जीतने वाली टीम को नेशनल में जाने का मौका मिलेगा. फाइनल में फर्स्ट और सेकंड हाफ से एक-एक टीम आएगी, जो नेशनल के लिए क्वालीफाई कर सकेंगे. इसलिए वसंत वैली स्कूल के बच्चों ने फाइनल तक इसी टीम स्पिरिट के साथ खेलने का प्लान तैयार किया है. नॉकआउट फॉर्मेट में ज्यादा गैप नहीं मिलता है.

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