
वजीर-ए-आज़म नरेन्द्र मोदी ने मुल्क के वैज्ञानिकों के लिए कही ये बड़ी बात, उनके100 साल का बताया इतिहास
Zee News
वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) सोसाइटी की एक मीटिंग की सदारत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इंडस्ट्री के साथ मुआशरे को साथ लेकर चलना बेहद जरूरी है.
नई दिल्ली. वजीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी ने जुमे को वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) सोसाइटी की एक मीटिंग की सदारत करते हुए कहा कि इंडस्ट्री के साथ मुआशरे को साथ लेकर चलना बेहद जरूरी है. मजीद उन्होंने कहा कि मुल्क काश्तकारी से एस्ट्रॉनॉमी, वैक्सीन से वर्चुअल रियलिटी और बायोटेक्नालजी से लेकर बैटरी टेक्नॉलजी तक, हर सिम्त में खुद मुख्तार और मजबूती के साथ आगे बढ़ना चाहता है. वजीर-ए-आज़म ने कहा, “किसी भी मुल्क में साइंस और टेक्नॉलजी उतनी ही ऊंचाइयों को छूती है, जितना बेहतर उसका राब्ता सरमायाकारी और बाजार के साथ होता है. हमारे मुल्क में सीएसआईआर साइन्स, सोसाइटी और इंडस्ट्री की इसी निज़ाम को कायम रखने के लिए आपना काम करता है. सीएसआईआर सोसाइटी विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के ताबे वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग का एक अहम हिस्सा है. CSIR ने मुल्क को दिये कई साइंसदान पीएम मोदी ने कहा कि हमारी इस संस्था ने देश को कितनी ही प्रतिभाएं दी हैं, कितने ही वैज्ञानिक दिये हैं. शांतिस्वरूप भटनागर जैसे अज़ीम साइंसदान ने इस संस्था को नेतृत्व दिया है. कोरोना महामारी दुनिया के सामने पिछले 100 साल की सबसे बड़ी चुनौती बनकर आई है. वैज्ञानिकों ने इंसानियत को इस आपदा से उबारने के लिए एक अपना बहुत योगदान दिया.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










