
लुटियंस दिल्ली में ट्रैफिक जाम, दफ्तर पहुंचने में लगा घंटों का समय, मेट्रो में भी भीड़
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मध्य दिल्ली के आसपास के कई मेट्रो स्टेशनों पर भी यात्रियों की संख्या में वृद्धि देखी गई, जिसके परिणामस्वरूप लंबी कतारें लग गईं. एक अन्य यात्री ने कहा- चूंकि मैंने आईटीओ पर भारी ट्रैफिक जाम देखा, इसलिए मैंने अपनी कैब बीच में ही छोड़ दी और मेट्रो से कार्यालय जाने का फैसला किया. लेकिन मेट्रो स्टेशन पर भी भीड़ थी, लेकिन कम से कम मैं समय पर कार्यालय पहुंच सका.
लुटियंस दिल्ली और उसके आसपास की सड़कों पर मंगलवार सुबह जाम लगा रहा, जिससे दफ्तर जाने वाले लोगों और यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. अधिकारियों ने इसके लिए ड्रेस रिहर्सल और गणतंत्र दिवस की तैयारियों को जिम्मेदार बताया है. यहां संसद मार्ग, मंडी हाउस, आईटीओ और कर्तव्य पथ जैसे क्षेत्रों में पूर्वाभ्यास किया जा रहा है, जिसकी वजह से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई. इसके अलावा, अकबर रोड, कामराज रोड, राजाजी मार्ग, मध्य दिल्ली की ओर जाने वाली सफदरजंग रोड भी जाम रही.
मध्य दिल्ली में विभिन्न गोलचक्कर और ले मेरिडियन की ओर जाने वाला मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया. यात्रियों और कार्यालय जाने वाले लोगों के वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ रहे थे. प्रत्येक जगह पर 20 मिनट से ज्यादा समय तक इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था. पुलिस की ओर से कोई ट्रैफिक एडवाइजरी जारी नहीं की गई, जिससे जाम की स्थिति और बढ़ गई.
'एक ही जगह पर 45 मिनट तक खड़े रहे'
एक यात्री ने कहा- मुझे मंडी हाउस से संसद मार्ग स्थित अपने कार्यालय तक पहुंचने में एक घंटे का समय लगा. पूरे रास्ते में यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा. एक अन्य यात्री ने ट्विटर पर लिखा- ट्रैफिक जाम की वजह से समय खराब हुआ है. क्योंकि वाहन कम से कम 45 मिनट तक एक स्थान पर खड़े रहे. उन्होंने कहा- इंडिया गेट की ओर खुलने वाली प्रगति मैदान टनल आधे घंटे से ज्यादा समय तक पूरी तरह ठप रही. ड्रेस रिहर्सल के कारण लुटियंस दिल्ली और उसके आसपास के कुछ जंक्शनों पर ट्रैफिक भारी था. 40 मिनट से ज्यादा समय तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही.
'दफ्तर पहुंचने में हो गई देरी'
अभिषेक नारंग नाम के व्यक्ति ने कहा कि अशोक रोड पर इंडिया गेट सर्कल तक जाने वाले ट्रैफिक जाम को देखने के बाद उन्होंने फिरोजशाह रोड के जरिए एक चक्कर लगाया. लेकिन जैसे ही मैं रेल भवन के चौराहे पर पहुंचा, चारों ओर फिर से ट्रैफिक था. मेरे जैसे कई यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा और मुझे कार्यालय पहुंचने में देर हो गई.

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