
लखीमपुर खीरी हिंसा में गोली चली थी या नहीं? जांच के लिए लैब भेजे गए आशीष और अंकित के असलहे
Zee News
लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच में हथियारों की बैलिस्टिक रिपोर्ट काफी अहम होने वाली है. इस घटना में हुई 8 मौतों में किसी की भी जान गोली लगने से नहीं गई, यह बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्ट हुई है.
लखनऊ: लखीमपुर खीरी हिंसा में चल रही एसआइटी जांच (Lakhimpur Kheri Violence SIT Probe) अब अपने एडवांस स्टेज में पहुंच गई है. इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई (Central Bureau of Investigation) अलग जांच कर रही है. एसआइटी टीम अंकित दास और उसके पर्सनल गनर लतीफ को लेकर लखनऊ के हुसैनगंज स्थित अपार्टमेंट के फ्लैट में पहुंची. एसआइटी (Special Investigation Team) ने इस फ्लैट से कुछ हथियार बरामद किए हैं.
बताया जा रहा है कि इनमें दो हथियार केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा उर्फ मोनू (Aashish Mishra aka Monu) का है और दो असलहा पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के बेटे अंकित दास (Ankit Das) का है. एसआइटी ने इन हथियारों को यह पता करने के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा है, कि इनसे हाल फिलहाल में गोली चली है या नहीं. फॉरेंसिक साइंस की भाषा में इस जांच को बैलिस्टिक रिपोर्ट (Ballistic Report) कहते हैं.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









