
लखनऊ का फाइव स्टार होटल, 12 करोड़ की डील और नेपाली माफिया... कुछ बड़ा करने की फिराक में थे अतीक गैंग और शाइस्ता!
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पुलिस को जानकारी मिली थी कि लखनऊ के एक होटल में कोई बड़ी डील होने वाली है, जिसका संबंध अतीक अहमद गैंग और उसके परिवार से है. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने उस होटल में छापेमारी की और अतीक के वकील विजय मिश्रा को गिरफ्तार किया.
बाहुबली माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद की हत्या के बाद उसकी संपत्ति को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे. सरकार ने पहले ही उसकी करोड़ों की संपत्ति को कुर्क कर लिया. लेकिन इसके बावजूद अतीक और उसके भाई अशरफ की बेनामी संपत्ति अभी भी जांच के दायरे में है. इसी संपत्ति को लेकर लखनऊ के एक पांच सितारा होटल में बड़ी डील होने वाली थी. लेकिन पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया. उस शख्स को पुलिस ने धर दबोचा जो इस संपत्ति को ठिकाने लगाने में शाइस्ता और जैनब की मदद कर रहा था. हम बात कर रहे हैं अतीक अहमद के वकील रह चुके विजय मिश्रा की.
इस मामले में संपत्ति को लेकर ये खुलासा एक अहम कार्रवाई माना जा रहा है. दरअसल, जब से उमेशपाल हत्याकांड के बाद अतीक अहमद और उसके परिवार वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया. उसकी तमाम संपत्तियों को जब्त और कुर्क किया गया. लेकिन जब प्रयागराज में पुलिस अभिरक्षा के बीच तीन नई उम्र के बदमाशों ने सरेआम अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी, तो उसके बाद उसकी बेनामी संपत्ति को लेकर जांच एजेंसिया और तेजी से कार्रवाई करने के मूड में आ गई.
होटल में होने वाली थी बड़ी डील इधर, पुलिस को तलाश थी अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन और अशरफ की बीवी जैनब की. लेकिन ये दोनों अभी तक पुलिस की पहुंच से बाहर हैं. इन दोनों के अलावा पुलिस इस मामले में अभी तक गुड्डू मुस्लिम उर्फ गुड्डू बमबाज, साबिर और अरमान की तलाश कर रही है. गुड्डू मुस्लिम को आखिरी बार ओडिशा में देखा गया था. इसके बाद उसके बारे में कोई सुराग नहीं लग पाया है.
अब वापस आते हैं अतीक-अशरफ की बेनामी संपत्ति की कहानी पर.. पुलिस को सूत्रों से जानकारी मिली थी कि राजधानी लखनऊ के एक नामी होटल में कोई बड़ी डील होने वाली है, जिसका संबंध अतीक अहमद गैंग और उसके परिवार से है. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने एक विशेष टीम बनाकर उस होटल में भेजी और छापेमारी के दौरान अतीक का वकील विजय मिश्रा पुलिस के हत्थे चढ़ गया. पकड़े जाने के बाद विजय ने जो खुलासा किया, वो बेहद हैरान करने वाला था.
बेनामी संपत्तियों को बेचने की कोशिश विजय से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन और अतीक के भाई अशरफ की पत्नी जैनब को अब पैसों की तंगी सता रही है. उन दोनों के पास अब पैसे नहीं हैं. इसलिए वे दोनों अतीक और अशरफ की बेनामी संपत्तियों को बेचने की कोशिश कर रही हैं. ताकि वो अपने बेटे अली और उमर को जेल से बाहर निकाल सकें और फिर से अपना साम्राज्य खड़ा कर सकें. इस काम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए शाइस्ता और जैनब ने अतीक के वकील विजय मिश्रा को अपने इस प्लान में शामिल कर लिया.
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी परेशानी ये थी कि यूपी का कोई भी कारोबारी या बिल्डर अतीक अहमद की बेनामी संपत्ति को खरीदने के लिए तैयार नहीं था. कोई भी अतीक गैंग से जुड़ी सपंत्ति पर हाथ रखने को राजी नहीं था. लिहाजा, इसी दौरान वकील विजय मिश्रा को यूपी के एक ऐसे माफिया के बारे में पता चला, जो नेपाल में रहता है और भारत में काम करता है.

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