
रेप, टॉर्चर.... अमेरिका में गैर-कानूनी तरीके से एंट्री के लिए 'नरक' जैसे रास्तों से गुजरते हैं भारतीय!
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डंकी रूट पर अवैध रूप से सफर करने वाले भारतीय नागरिकों को पैसे के लिए मार दिया जाता है और महिलाओं को यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है. Sky News की रिपोर्ट से पता चलता है कि कैसे भारतीय नागरिक अमेरिका पहुंचने के लिए पनामा, कोस्टा रिका, अल साल्वाडोर और ग्वाटेमाला में माफिया गिरोहों पर निर्भर होकर भयानक जोखिम उठा रहे हैं.
अमेरिकी सपने की तलाश, समृद्धि, सफलता और मौकों से भरी जिंदगी ने लंबे वक्त से दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है. इसमें अनगिनत भारतीय भी शामिल हैं. अपने 'अमेरिकी ख्वाबों' को पूरा करने के लिए, हजारों भारतीय नागरिक अपनी जान पर खेलकर अवैध रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका पहुंच रहे हैं, 'डंकी रूट' का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो घने जंगलों, कठिन रास्ते वाले इलाकों और उबड़-खाबड़ पानी से होकर गुजरता है. इसका नतीजा यह है कि अब भारतीय, अमेरिका में अवैध प्रवासियों के तीसरे सबसे बड़े ग्रुप का प्रतिनिधित्व करते हैं. हालांकि, अमेरिका की यात्रा नरक जैसे रास्तों से होकर गुजरती है.
एक एजेंट ने खुलासा किया कि अमेरिका में अवैध तरीके से एंट्री करने वाले 10-12 फीसदी लोग या तो मर जाते हैं या रास्ते में ही मारे जाते हैं. मानव तस्कर अवैध प्रवासियों को अमेरिका ले जाने के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 50 हजार से एक लाख डॉलर (करीब 40 लाख से 80 लाख रुपये) लेते हैं.
हजारों भारतीय अपनाते हैं डंकी रूट
शाहरुख खान स्टारर फिल्म 'डंकी' 'डंकी रूट' या 'डंकी फ्लाइट' पर आधारित है, जिसे हजारों भारतीय हर साल अमेरिका, ब्रिटेन या किसी अन्य यूरोपीय देश तक पहुंचने के लिए अपनाते हैं.
इस सफर में तमाम देशों से होते हुए कई पड़ावों से गुजरना पड़ता है, जिनमें पनामा, कोस्टा रिका, अल साल्वाडोर और ग्वाटेमाला जैसे मध्य अमेरिकी देश शामिल हैं, जहां भारतीय नागरिक आसानी से वीजा प्राप्त कर सकते हैं. मेक्सिको और दक्षिण अमेरिका के बीच स्थित ये देश मेक्सिको के रास्ते अमेरिका में प्रवेश करने वाले अवैध अप्रवासियों के लिए एंट्री गेट के रूप में काम करते हैं.
Sky News की एक इन्वेस्टिगेशन के मुताबिक, इस खतरनाक सफर में दो साल तक का वक्त लग सकता है. इसमें कई जोखिम होते हैं, जिसमें डकैती, गंभीर चोटें, रेप और आपराधिक गिरोहों के हाथों मौत शामिल है. यह एकमात्र रास्ता नहीं है, जिसके जरिए अवैध अप्रवासी अमेरिका में घुसने की कोशिश करते हैं. अवैध अप्रवासी कनाडा के जरिए भी एक रास्ता अपनाते हैं.

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