
रूस ने इजरायल को दी धमकी, कहा- यूक्रेन की मदद की तो भुगतना होगा अंजाम
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रूस और यूक्रेन के बीच जारी आठ महीने से खूनी जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है. हाल ही में इजरायल ने यूक्रेन को सैन्य मदद की पेशकश की है, जिस पर रूस के प्रधानमंत्री ने कहा है कि इजरायल द्वारा सैन्य मदद की पेशकश रूस और इजरायल के संबंधों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाएगी.
यूक्रेन के साथ जारी जंग के बीच रूस ने इजरायल को सख्त लहजे में चेतावनी दी है. रूस के प्रधानमंत्री दमित्री मेदवेदेव ने चेतावनी देते हुए कहा है कि इजरायल द्वारा यूक्रेन को सैन्य मदद की पेशकश करना रूस और इजरायल के बीच संबंधों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाएगा.
हाल ही में ईरान पर आरोप लगा था कि उसने रूस को सतह से सतह पर दागी जाने वाली मिसाइल देकर मदद की है. इसके बाद पश्चिमी देशों के द्वारा इजरायल पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था कि वह यूक्रेन की मदद करे. इन्हीं घटनाक्रमों के बीच इजरायल ने यूक्रेन को एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य मदद देने की पेशकश कर दी.
अमेरिका बनाता रहा है दबाव इजरायल अब तक यूक्रेन को ऐसी सहायता देने से इनकार करता रहा है, ताकि सीरिया में इजरायली सेना द्वारा हमलों को लेकर रूस किसी तरह का खलल न डाले. लेकिन यूरोपीय देश और अमेरिका इजरायल पर दबाव बना रहे थे कि वह कम से कम यूक्रेन को डिफेंस सिस्टम के मामले में मदद करे. इजरायल के प्रवासी मंत्री नचमन शाई ने यूक्रेन को सैन्य मदद देने की घोषणा की है.
हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान रूस को ड्रोन की मदद दे रहा है और सरफेस-टू-सरफेस मिसाइल देने की तैयारी में है. जिसके बाद इजरायल के मंत्री नमचन शाई ने कहा कि अब समय आ गया है कि अमेरिका और नाटो देश की तरह हम भी यूक्रेन को सैन्य मदद दें. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल ने रूस द्वारा इस्तेमाल की जा रही ईरानी ड्रोन के बारे में बेसिक जानकारी यूक्रेन के साथ साझा की है.
ईरान के फैसले से इजरायल की बढ़ी चिंता रूस-यूक्रेन युद्ध में ईरान के शामिल होने से इजरायल की चिंता बढ़ गई है. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि ईरान ने रूस को ईरानी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल प्रदान की है. इसी वजह से इजरायल को इस युद्ध में अपनी स्थिति स्पष्ट करने का दबाव बना. इजरायल के अधिकारियों का दावा है कि रूस का ईरान से मदद लेना, ईरान की बढ़ती शक्ति और वर्षों तक प्रौद्योगिकी पर धाक जमाए रहे रूस की कमजोरी का नमूना है.
इजरायल की 80 फीसदी आबादी यूक्रेन के पक्ष में रूस ने जब यूक्रेन के कीव शहर पर बमबारी की थी तो इजरायल ने खुले तौर पर इस बमबारी की निंदा की थी. वहीं, इजरायल की राजधानी तेल अवीव स्थित यूक्रेनी एंबेसी द्वारा कराए गए एक सर्वे के अनुसार, 80 प्रतिशत से अधिक इजरायली नागरिक यूक्रेन का समर्थन करते हैं.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?

जेल में बंद इमरान खान को लेकर पाकिस्तान सरकार ने बड़ा खुलासा किया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के एक सहयोगी ने कहा है कि इमरान खान को दो बार डील पेशकश की गई. लेकिन इमरान ने इस डील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. नवाज शरीफ के करीबी रहे राणा सनाउल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान सरकार इस समस्या का राजनीतिक समाधान चाहती है.

ब्रिटेन में शाही परिवार के सदस्य और प्रिंस चार्ल्स के भाई एंड्र्यू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार कर लिया गया है. डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश पुलिस पूर्वी इंग्लैंड स्थित एंड्र्यू के घर पर पहुंची. सैंड्रिंघम एस्टेट के वुड फार्म के आसपास छह बिना नंबर वाली पुलिस कारें और आठ सादे कपड़ों में अधिकारी देखे गए. थेम्स वैली पुलिस फरवरी में उन आरोपों की जांच कर रही थी जिनमें दावा किया गया था कि माउंटबेटन-विंडसर ने दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन को सरकारी दस्तावेज दिए थे.

पाकिस्तान एक बार फिर से अफगानिस्तान पर हमले का बहाना ढूंढ़ रहा है. PAK ने अफगानिस्तान को कूटनीतिक मैसेज देते हुए खुलेआम कहा है कि उसे TTP या दूसरे किसी भी ग्रुप को जवाब देने और उसे खत्म करने का अधिकार है. पाकिस्तान ने इस कूटनीतिक भाषा के लिए सोमवार को हुए हमले को आधार बनाया है, जब उसके 11 सैनिक मर गए थे.

तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई बीएनपी सरकार ने घोषणा की है कि बांग्लादेश सभी देशों, खासकर पड़ोसियों के साथ संप्रभु समानता और पारस्परिक लाभ के आधार पर संबंध रखेगा. विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' को विदेश नीति का केंद्रीय सिद्धांत बताया और द्विपक्षीय रिश्तों की व्यापक समीक्षा के संकेत दिए.








