
'रूस की ओर से लड़ते हुए मारे गए 3000 उत्तर कोरियाई सैनिक', जेलेंस्की का दावा
AajTak
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया है कि इस युद्ध में रूस की मदद के लिए उतरे उत्तर कोरिया के 3000 से ज्यादा सैनिकों की मौत हो गई है या फिर वे घायल हो गए हैं. जेलेंस्की ने आशंका जताई कि उत्तर कोरियाई रूस की मदद के लिए जल्द ही और सैनिकों और हथियारों को मॉस्को भेज सकता है.
रूस और यूक्रेन दोनों ही देश सालों से युद्ध की विभीषिका में झुलसे हुए हैं. इस युद्ध में दोनों ओर से भारी नुकसान हुआ है. युद्ध में रूस की मदद के लिए मोर्चे पर उतरे उत्तर कोरिया के सैनिकों को लेकर अब जेलेंस्की ने बड़ा दावा किया है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया है कि इस युद्ध में रूस की मदद के लिए उतरे उत्तर कोरिया के 3000 से ज्यादा सैनिकों की मौत हो गई है या फिर वे घायल हो गए हैं. जेलेंस्की ने आशंका जताई कि उत्तर कोरियाई रूस की मदद के लिए जल्द ही और सैनिकों और हथियारों को मॉस्को भेज सकता है.
जेलेंस्की ने कहा कि जिस तरह से इस जंग में उत्तर कोरिया, रूस की मदद कर रहा है. उसे लेकर दुनियाभर के नेता कुछ नहीं कर रहे. दक्षिण कोरिया की सेना ने भी कहा है कि इसके स्पष्ट संकेत हैं कि उत्तर कोरिया सुसाइड ड्रोन सहित अत्याधुनिक हथियारों और सैनिकों को रूस भेजने की तैयारी कर रहा है.
बता दें कि इससे पहले यूक्रेन के खिलाफ जंग में उतरते हुए रूस के दोस्त उत्तर कोरिया ने अपने 10 हजार सैनिक मॉस्को भेजे थे. इस पर नाटो ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि यूक्रेन के साथ रूस के तीन सालों से चल रहे युद्ध में अब उत्तर कोरिया भी शामिल हो गया है. वह रूस की मदद के लिए अपने सैनिकों को मॉस्को भेज रहा है.
जून में उत्तर कोरिया गए थे पुतिन
इससे पहले जून के महीने में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उत्तर कोरिया का दौरा किया था. वह 24 साल बाद उत्तर कोरिया गए थे, जहां प्योंगयांग एयरपोर्ट पर उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने उनका स्वागत किया था. इससे पहले पुतिन और किम जोंग की मुलाकात पिछले साल सितंबर में हुई थी. तब किम जोंग रूस के व्लादिवोस्तोक शहर पहुंचे थे.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?










