
'ईरान के गैस क्षेत्रों पर दोबारा हमला न करे इजरायल', ट्रंप की नेतन्याहू को नसीहत, तेहरान को भी दी धमकी
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को ईरानी गैस क्षेत्रों पर हमले रोकने को कहा है ताकि वैश्विक ऊर्जा संकट से बचा जा सके. वहीं, अमेरिका ने क्षेत्रीय संतुलन के लिए अरब सहयोगियों को $23 बिलियन के हथियार देने का फैसला किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को खुलासा किया कि उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ईरानी गैस क्षेत्रों को दोबारा निशाना न बनाने की सख्त सलाह दी है. ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब इजरायल के हालिया हमले के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भारी उथल-पुथल देखी गई.
ट्रंप ने ओवल ऑफिस में कहा, “मैंने उनसे कहा कि ऐसा न करें, और वह अब ऐसा नहीं करेंगे.” यह बयान इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के एक दिन बाद आया है. इसके जवाब में ईरान ने कतर की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया, जिससे बड़े ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है. हालांकि ट्रंप ने ईरान को चेतावनी भी दी कि यदि उसने कतर पर हमले जारी रखे, तो अमेरिका साउथ पार्स गैस फील्ड को 'पूरी तरह उड़ा' देगा.
हालांकि ट्रंप ने पहले सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उन्हें इस हमले की जानकारी नहीं थी, लेकिन अमेरिकी सूत्रों के मुताबिक वाशिंगटन को ऑपरेशन की जानकारी थी, भले ही उसने इसमें हिस्सा नहीं लिया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के संबंध अच्छे हैं और कई मामलों में तालमेल रहता है लेकिन अगर उन्हें कोई कदम पसंद नहीं आता तो वे उसे रोकने की कोशिश करते हैं.
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करीब तीन हफ्ते से जारी इस संघर्ष का असर अब वैश्विक तेल बाजारों पर साफ दिखने लगा है. तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और बाजार अस्थिर बने हुए हैं. ट्रंप ने अभी तक सीधे तौर पर ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने से परहेज किया है लेकिन चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने कतर पर हमले जारी रखे तो अमेरिका साउथ पार्स गैस फील्ड को “पूरी तरह तबाह” कर सकता है. इसके जवाब में तेहरान ने कहा है कि अगर उसके ऊर्जा ठिकानों पर फिर हमला हुआ तो वह “बिना किसी रोक-टोक” के जवाब देगा.
सैन्य खर्चे का किया बचाव

जिस ईरान को बर्बाद करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप निकले थे. अब लगता है कि उनका पैर उसी ईरान के 'तेल' पर फिसल गया है. और इसलिए वो एक बार फिर पूरी दुनिया को 'चौंकाने' वाला फैसला ले सकते हैं. और ये फैसला ईरान के तेल की Sale से जुड़ा है. ईरान को पूरी तरह से अलग-थलग करने और हर चीज के लिए 'मोहताज' बनाने की कोशिश करने वाले ट्रंप अब खुद ईरान के तेल से प्रतिबंध हटा सकते हैं. और तेल की Sale करने की अनुमति दे सकते हैं? अब सवाल ये है कि जब ट्रंप खुद ईरान के तेल की बिक्री के लिए तैयार हैं, तो वो ईरान से युद्ध क्यों लड़ रहे हैं? क्या वाकई ईरान ने ट्रंप को ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया है, या ट्रंप अपने ही फैसलों की फांस में फंस चुके हैं?

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को कम करने में मदद करने के लिए अमेरिका जल्द ही टैंकरों में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है. बेसेंट ने कहा कि प्रतिबंधित ईरानी तेल के वैश्विक आपूर्ति में शामिल होने से अगले 10 से 14 दिनों तक तेल की कीमतें कम रखने में मदद मिलेगी.

ईरान से अमेरिका-इजरायल की लड़ाई की आंच आज और भड़क गई. अपने सबसे बड़े गैस फील्ड साउथ पार्स पर इजरायल के हमले के जवाब में ईरान ने बीती रात से खाड़ी देशों में कई अहम तेल और गैस के ठिकानों पर हमला किया है. इन हमलों का असर ये है कि आज भारत के समय से दोपहर 3 बजे तक ब्रेंट क्रूड ऑयल 118 डॉलर प्रति बैरल की सीमा को पार कर गया था. इसका असर शेयर बाजार से लेकर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा है. जहां शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट आयी वहीं सोने-चांदी की कीमतें भी टूट गईं. भारत के शेयर बाजार से आज 12 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति साफ हो गई है. सवाल ये है कि क्या पश्चिम एशिया में अब युद्ध का रुख पूरी दुनिया को चपेट में ले चुका है ? इस बीच पहली बार 12 मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों ने खाड़ी देशों पर ईरान के हमले के खिलाफ बयान जारी किया है. तो उधर राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर कड़ा रुख बरकरार रखने के बावजूद ईरानी गैस फील्ड पर इजरायल के हमले से पल्ला झाड़ा है.

अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि आज ईरान पर अमेरिका अटैक का सबसे बड़ा पैकेज लॉन्च करने जा रहा है. जंग की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे उद्देश्य कभी बदले नहीं हैं और ये जंग राष्ट्रपति ट्रंप की इच्छानुसार खत्म होगा. आज ही ईरान ने अपने स्टैंड को बताते हुए कहा था कि अभी उसका बदला पूरा नहीं हुआ है.

ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग अब अपने सबसे निर्णायक और संभवतः सबसे खौफनाक मोड़ पर पहुंच गई है. आज डोवर एयरफोर्स बेस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन छह अमेरिकी नायकों को अंतिम विदाई दी, जिन्होंने एक विमान हादसे में अपनी जान गंवाई लेकिन इस शोक के बीच, वॉशिंगटन के गलियारों से एक ऐसी खबर आ रही है जो पूरी दुनिया को दहला सकती है. रॉयटर्स की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन अब ईरान में 'बूट्स ऑन द ग्राउंड' यानी थल सेना उतारने पर बेहद गंभीरता से विचार कर रहा है.








