
रिकॉर्ड: पुणे के अजय मुनोत ने पेश की मिसाल, 9 महीने में 14 बार डोनेट कर चुके हैं Plasma
Zee News
अजय मुनोत जुलाई 2020 में कोरोना से संक्रमित (Coronavirus Infected) हुए थे, इस दौरान वे एक Covid-19 केयर सेंटर में भर्ती रहे. कोरोना को मात देने के बाद वे लगातार लोगों की मदद के लिए प्लाज्मा डोनेट (Plasma donate) कर रहे हैं.
नई दिल्ली: कोरोना वायरस की दूसरी लहर (Coronavirus Second Wave) ने हाहाकार मचा दिया है. त्रासदी के इस दौर में जहां हजारों लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो कुछ दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगाने से भी पीछे नहीं हट रहे. ऐसे ही कोरोना योद्धा हैं पुणे के अजय मुनोत, जिन्होंने 14 बार प्लाज्मा डोनेट (Plasma donate) करने का रिकॉर्ड बनाया है. 50 वर्षीय अजय मुनोत मूलरूप से महाराष्ट्र के पुणे शहर के रहने वाले हैं जो कि एक स्ट्रैटेजिक कंसल्टेंट के तौर पर कार्य करते हैं. वे अब तक 14 बार प्लाज्मा डोनेट (Plasma donate) कर चुके हैं. अजय मुनोत के इस नेक कार्य की वजह से कई लोगों की जान बचाई जा सकी. एक व्यक्ति के 14 बार प्लाज्मा दान करने का यह पहला मामला है. इंडिया बुक आफ रिकॉर्ड ने भी अजय मुनोत का दावा सही पाया है और उन्हें सर्टफिकेट दिया है.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








