
राहुल गांधी के बर्थडे पर 'रोजगार मेला' कांग्रेस के नये चुनाव कैंपेन की शुरुआत है
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राहुल गांधी के जन्मदिन पर दिल्ली में आयोजित रोजगार मेले में 100 से अधिक निजी कंपनियां 5000 नौकरियों के अवसरों के साथ शामिल हो रही हैं. आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए ऐसे 10 रोजगार मेले लगाने की कोशिश है, ताकि चुनावों में युवाओं को कांग्रेस से जोड़ा जा सके.
राहुल गांधी के बर्थडे 19 जून को बेहद खास इवेंट बनाने की कोशिश है, लेकिन असली मकसद आने वाले चुनावों में युवाओं को कांग्रेस से जोड़ना है. और, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी की केंद्र सरकार को घेरना.
राहुल गांधी तो पहले से ही युवा न्याय कार्यक्रम चला रहे हैं. लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के मेनिफेस्टो में भी युवाओं को पहली पक्की नौकरी देने का वादा किया गया था. अब लगता है वही सिलसिला आने वाले चुनावों में भी जारी रखने की कोशिश है, लेकिन तरीका बदल दिया गया है. सिर्फ वादा नहीं, प्रस्तावित कार्यक्रम की झांकी दिखाने की भी कोशिश की गई है.
ये मेला कांग्रेस के चुनावी वादे की गंभीरता जताने का एक तरीका भी हो सकता है. दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में लगने वाले रोजगार मेले में कुछ युवाओं को ऑफर लेटर दिये जाने की भी संभावना जताई जा रही है.
बेरोजगारी के मुद्दे पर फोकस कांग्रेस का ये कैंपेन वोट दिलाने की गारंटी भले न दे पाये, लेकिन पब्लिसिटी के लिए तो अच्छा ही तरीका है. कुछ हद तक कारगर भी हो सकता है.
राहुल गांधी के भाषणों अक्सर ‘2 करोड़ नौकरी’ का जिक्र देखने को मिलता है, जो सीधे सीधे मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश होती है. मोदी और बीजेपी को रोजगार के मुद्दे पर लगातार घेरने के साथ ही, राहुल गांधी देश भर में घूम घूम कर युवाओं के साथ संवाद भी करते हैं.
19 जून का कार्यक्रम

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