
राजस्थान: द्रौपदी मुर्मू के स्वागत कार्यक्रम में भिड़े बीजेपी नेता, बीच बचाव करते नजर आए केंद्रीय मंत्री
AajTak
बीजेपी सांसद किरोड़ी लाल मीणा द्रौपदी मुर्मू के अभिनंदन के लिए अपने समर्थकों संग पहुंचे थे. लेकिन होटल में जब कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं मिला, तो वे बीजेपी के उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ पर भड़क गए. इस पर राठौड़ भी तैश में आ गए. राठौड़ ने कहा, आप मुझसे ऐसे बात नहीं कर सकते.
एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू आज राजस्थान के दौरे पर पहुंचीं. यहां उन्होंने जयपुर में सांसदों और विधायकों के साथ बैठक राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन मांगा. लेकिन द्रौपदी मुर्मू के पहुंचने से पहले राजस्थान बीजेपी के दो बड़े नेता आपस में भिड़ गए. ये विवाद होटल में कार्यकर्ताओं के प्रवेश को लेकर हुआ. विवाद को बढ़ता देख केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को बीच बचाव के लिए पहुंचना पड़ा.
दरअसल, बीजेपी सांसद किरोड़ी लाल मीणा द्रौपदी मुर्मू के अभिनंदन के लिए अपने समर्थकों संग पहुंचे थे. लेकिन होटल में जब कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं मिला, तो वे बीजेपी के उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ पर भड़क गए. इस पर राठौड़ भी तैश में आ गए. राठौड़ ने कहा, आप मुझसे ऐसे बात नहीं कर सकते. क्या सभी कार्यकर्ता हॉल में आ सकते हैं? इस पर किरोड़ी लाल मीणा ने कहा, हां आ सकते हैं. वहीं, विवाद बढ़ते देख गजेंद्र सिंह शेखावत ने बीच बचाव किया.
सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने झगड़े के बाद सफाई दी है. उन्होंने बताया कि द्रौपदी मुर्मू जी के अभिनंदन के लिए डूंगरपुर-बांसवाड़ा व अन्य सुदूर इलाकों से आदिवासी कार्यकर्ता जयपुर आए थे. लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिला, तो उन्हें गुस्सा आ गया. इसके बाद उन्होंने ये मुद्दा राजेंद्र राठौड़ के सामने उठाया. हालांकि, उन्होंने कहा, कोई कितनी भी कोशिश कर ले, मेरे और मेरे भाई राजेंद्र राठौड़ के बीच कोई मतभेद नहीं है, मनभेद होने का तो प्रश्न ही पैदा नहीं होता.
सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा, आज कार्यक्रम में ज्यादातर वही लोग हैं जो सिर्फ चुनाव में दिखते हैं, जनता के बीच नहीं दिखते. इन्हें जनता से मतलब ही नहीं है. ज्यादातर चाटूकार और पैसे वाले हैं. इनमें गरीब कार्यकर्ता नहीं हैं. इतना ही नहीं मीणा ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाने पर पार्टी की तारीफ तो की, लेकिन वे कार्यक्रम स्थल से ही चलते बने.

फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की मालिक कंपनी मेटा के लिए यह एक बड़ा झटका है. कंपनी ने हमेशा दावा किया है कि वह बच्चों की सुरक्षा के लिए करोड़ों डॉलर खर्च करती है, लेकिन न्यू मेक्सिको की जूरी ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. साथ ही दोषी करार देते हुए भारी भरकम जुर्माना लगाया है.

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.









