
रांची में मोदी का रोड शो - और नजर चुनावी राज्यों के आदिवासी वोटों पर
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2018 में राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने में आदिवासी वोटों की बड़ी भूमिका रही. बीजेपी इस बार ऐसा हरगिज नहीं होने देना चाहती - और रांची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोड शो भी इसीलिए प्लान किया गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोड शो कभी चुनाव हार रहे किसी बीजेपी उम्मीदवार की जीत पक्की करने के लिए होता है. 2022 में वाराणसी की शहर दक्षिणी सीट पर बीजेपी उम्मीदवार की हालत बहुत खराब थी, मोदी ने घाट किनारे के मोहल्लों के लिए रोड शो किया - और बीजेपी उम्मीदवार नीलकंठ तिवारी चुनाव जीत गये.
और यूपी चुनाव के नतीजे आने के अगले ही दिन मोदी ने अहमदाबाद में रोड शो किया. मोदी का वो रोड शो गुजरात में बीजेपी की जीत पक्की करने के लिए था. बीजेपी ने सबसे ज्यादा सीटें कर रिकॉर्ड कायम किया - और भूपेंद्र पटेल की मुख्यमंत्री की कुर्सी पक्की हो गयी.
लेकिन क्या मोदी के रांची में रोड शो करने से मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी की जीत पक्की हो पाएगी? बड़ा सवाल फिलहाल यही है. विधानसभा चुनावों के नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे और तब तक ये सवाल कायम रहेगा.
पहली आदिवासी महिला को राष्ट्रपति भवन भेजने का श्रेय लेने के बाद बीजेपी चुनावी राज्यों की आदिवासी सीटें जीतने के लिए जीतोड़ कोशिश कर रही है - और मिशन का सफल बनाने के लिए बीजेपी ने अपने सबसे बड़े चेहरे मोदी को एक बार फिर सड़क पर उतार दिया है.
कांग्रेस से आदिवासी वोट छीनने की कोशिश
केंद्र की मोदी सरकार पिछले दो साल से आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मना रही है - और इस बार इसी मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का झारखंड दौरा प्लान किया गया है. रांची में रोड शो से लेकर मोदी के बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू तक जाने का कार्यक्रम बनाया गया है.

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