
'ये मुझे मार रहे हैं, बचाओ..' NCPCR अध्यक्ष बोले- मेरे साथ बंगाल पुलिस के अधिकारी ने की मारपीट
AajTak
राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर मारपीट और अभद्रता के गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रियंक ने कहा कि वह कोलकाता के तिलजिला थाने में में बंगाल पुलिस के अफ़सर बिस्वाक मुखर्जी ने उनके साथ मारपीट की.
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने पश्चिम बंगाल के पुलिस अधिकारी पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रियंक ने बताया कि शुक्रवार को कोलकाता के तिलजिला इलाके में एक नाबालिग लड़की के घर जा रहे थे और इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया. प्रियंक जिस लड़की के परिजनों से मिलने के लिए जा रहे थे, उसकी पिछले सप्ताह उसके पड़ोसी ने हत्या कर दी थी.
पुलिस ने NCPCR चीफ पर लगाए आरोप
हालांकि पुलिस ने प्रियंक के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि अधिकारियों ने उनके साथ सहयोग किया था. पुलिस ने उल्टा प्रियंक पर ही आरोप लगाए और कहा कि एनसीपीसीआर मुखिया ने ही उनके साथ दुर्व्यवहार किया. वहीं प्रियंक ने ट्वीट करते हुए कहा कि मुझे थाने में पीटा गया. प्रियंक ने कहा, 'पश्चिम बंगाल के तिलजिला थाने में बंगाल पुलिस के अफ़सर बिस्वाक मुखर्जी ने मेरे साथ छीना-छपटी व मारपीट की है. पुलिस के लोग NCPCR की जाँच कार्यवाही की चोरी छिपे रिकॉर्डिंग कर रहे थे. विरोध करने पर मेरे साथ मार पीट की है.' उन्होंने एक वीडियो भी रिट्वीट किया जिसमें थाने के अंदर 'बचाओ-बचाओ' की आवाज आ रही है.
इस बीच, पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग (WBCPCR) की प्रमुख सुदेशना रॉय ने दावा किया कि प्रियंक ने उनका और उनके सहयोगियों का अपमान किया और वह इस संबंध में पुलिस शिकायत दर्ज करने पर विचार कर रही थी. रॉय ने कहा, 'एनसीपीसीआर की टीम हमें बिना बताए वहां चली गई. जब मैं मौके पर पहुंची तो उन्होंने (प्रियंक) बेहद अपमानजनक लहजे में बोलना शुरू कर दिया.
मालदा पहुंचे प्रियंक
रॉय ने गुरुवार को एनसीपीसीआर को पत्र लिखकर कहा था कि कोलकाता में एक लड़की की हत्या और मालदा में एक अन्य नाबालिग के यौन-शोषण के मामले में पश्चिम बंगाल की उनकी (प्रियंक) प्रस्तावित यात्रा 'वास्तव में आवश्यक नहीं थी.' वहीं प्रियंक ने आज ट्वीट करते हुए कहा, 'आज मालदा पहुँच गया हूँ,स्कूल के भीतर बलात्कार का शिकार बनी मासूम बच्ची से मिलूंगा उसे न्याय मिले यह सुनिश्चित करने के लिए मामले की जाँच भी करूँगा.कल ममता जी की सरकार की पुलिस ने मुझ पर हमला किया परंतु मैं गुंडागर्दी और धमकियों से डरकर रुकूँगा नहीं.'

दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में चल रही नकली ब्रांडेड जूतों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का खुलासा किया है. यहां नाइकी, एडिडास, न्यू बैलेंस और स्केचर्स के नकली जूते बनाए जा रहे थे. पुलिस ने यूनिट के मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर भारी मशीनें और हजारों नकली जूतों के पार्ट्स बरामद किए हैं.

राजस्थान में साध्वी प्रेम बासा की संदिग्ध मौत. साध्वी प्रेम बासा, जो एक प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, का अस्पताल में अचानक निधन हुआ. उनके निधन पर कई सवाल उठे हैं. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. परिवार और आश्रम वालों के बीच विवाद भी देखने को मिला है. एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.









