
यूपी में Fathers Day पर दो बेटों और उनकी पत्नियों ने पैसे के लिए पिता को पीटकर मार डाला
Zee News
पड़ोसियों ने बताया कि आए दिए दोनों अपने पिता से लड़ते रहते थे. पैसे के लिए अनबन होती रहती थी.
लखनऊःउत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में फादर्स डे के दिन रविवार को संपत्ति और पैसे के बंटवारे को लेकर दो बेटों ने अपनी पत्नियों के साथ मिलकर पिता की दिन-दहाड़े पीट-पीट कर हत्या कर दी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंझनपुर नगर पालिका परिषद के गांधीनगर वार्ड निवासी, रेलवे के पूर्व कर्मचारी बैजनाथ पाल (62) की उसके दो बेटों और बहुओं ने मिलकर लोहे के सब्बल से वार कर हत्या कर दी. संपत्ति को लेकर हुआ झगड़ा पाल दो साल पहले ही सेवानिवृतत हुआ था और उसके परिवार में तीन बेटे, एक अविवाहित बेटी और बहुएं हैं. पाल पत्नी छोटे बेटे-बहू और बेटी के साथ अपने पुराने मकान में रहता था जबकि उसके बाकी दोनों बेटा बहु दूसरे मकान में रहते थे. रविवार को पाल के बड़े व मझले बेटे-बहू, बड़े बेटे के साला और बेटे ने मिलकर पैसे के बंटवारे को लेकर पाल की लोहे के सब्बल व डंडों से जमकर पिटाई की जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









