
यूपी में पुरानी गलतियों से लिया सबक! नए फॉर्मूले पर चलेगी योगी सरकार, 'सीक्रेट' गाइडलाइंस जारी
ABP News
UP Politics: उत्तर प्रदेश में चुनाव से लगभग 11 महीने पहले भारतीय जनता पार्टी ने नए फॉर्मूले से सरकार चलाने का फैसला किया है. इस फैसले का असर 2027 के चुनाव पर भी पड़ सकता है.
उत्तर प्रदेश में शासन, प्रशासन और सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी के बीच बेहतर समन्वय के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है. इसके तहत जिला स्तर पर समन्वय समिति का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री करेंगे. इस समिति की बैठक में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और बीजेपी जिलाध्यक्ष भी शामिल होंगे.
बताया गया कि बैठक हर महीने अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी. शासन ने अधिकारियों के लिए वर्ष 2026 की गोपनीय मार्गदर्शिका भी जारी की है, जिसमें कई सेवाओं के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं. इसके अनुसार स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, स्थानीय विवाद, थाना और तहसील से जुड़ी समस्याओं का समाधान सात दिनों के भीतर करना होगा, जबकि बजट और तकनीकी स्वीकृति से जुड़े मामलों में 15 दिन के अंदर कार्रवाई अनिवार्य होगी. मुख्य बैठक से पहले कोर कमेटी एजेंडा तय करेगी और लंबित परियोजनाओं की समीक्षा करेगी.
बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी, ताकि विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी हो सके.
बता दें बीते कुछ सालों में यह शिकायत आम तौर पर सामने आई है कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है. यहां तक कई मौकों पर विधायक और सांसदों को पार्टी कार्यकर्ताओं के मुद्दों की सुनवाई के लिए धरनों पर बैठना पड़ा था. कई मा













