
यूपी चुनाव 2022: सपा में शामिल हो सकते हैं पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी, अखिलेश के बुलावे पर पुत्र समेत लखनऊ पहुंचे
Zee News
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाल में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव से पहले अंबिका चौधरी और उनके बेटे आनंद चौधरी ने बसपा छोड़ दी थी.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी अपनी रणनीति को धार देने में जुट गई है. चर्चा है कि पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी शनिवार को सपा में शामिल हो सकते हैं. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर अंबिका चौधरी अपने पुत्र एवं जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद चौधरी के साथ लखनऊ में जमे हैं. अंबिका चौधरी की बलिया और उसके आसपास के जिलों में अच्छी पैठ मानी जाती है. बलिया से सपा जिला अध्यक्ष राज मंगल यादव समेत अन्य 40 वरिष्ठ नेता भी लखनऊ पहुंचे हैं. पिता-पुत्र ने कुछ समय पहले बसपा छोड़ा आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाल में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव से पहले अंबिका चौधरी और उनके बेटे आनंद चौधरी ने बसपा छोड़ दी थी. आनंद चौधरी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव बसपा प्रत्याशी के रूप में जीते थे और सपा ने उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में अपना प्रत्याशी बनाया था. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को हराकर जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पर कब्जा जमाया था. तभी से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अंबिका चौधरी जल्द ही सपा में शामिल होंगे.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










